SIR-2026: 2003 की सूची से न मिलने वाले नामों की जांच तेज, आयोग की सख्त चेतावनी

Report by manisha yadav

रायपुर। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) 2026 की प्रक्रिया तीव्र गति से संचालित की जा रही है। अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 के आधार पर चल रही इस प्रक्रिया के तहत ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन 23 दिसंबर 2025 को किया गया था, जिसके बाद 23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 तक दावे एवं आपत्तियाँ आमंत्रित की गईं।

वर्तमान में प्राप्त दावों एवं आपत्तियों पर सुनवाई तथा दस्तावेज़ सत्यापन की प्रक्रिया 14 फरवरी 2026 तक जारी है। अब तक राज्यभर में जारी किए गए लगभग 98 प्रतिशत नोटिसों की सुनवाई पूर्ण कर ली गई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि पुनरीक्षण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है।

2003 की सूची से मिलान नहीं होने पर जारी हुए नोटिस

विशेष गहन पुनरीक्षण के गणना चरण के दौरान जिन मतदाताओं का नाम वर्ष 2003 की SIR मतदाता सूची से मेल नहीं खा पाया, उन्हें संबंधित विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) द्वारा नियमानुसार नोटिस जारी कर दस्तावेज़ प्रस्तुत करने के लिए बुलाया गया।

सुनवाई के दौरान भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मान्य 13 प्रकार के दस्तावेजों में से आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए गए। सभी मामलों में नियमानुसार परीक्षण के बाद ERO द्वारा मतदाता सूची में नाम शामिल करने या न करने का अंतिम निर्णय लिया जा रहा है।

दावे-आपत्तियों में बड़ी संख्या में आवेदन

ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद बड़ी संख्या में नागरिकों ने नाम जोड़ने के लिए प्रपत्र-6, विवरण सुधार के लिए प्रपत्र-8 और नाम विलोपन अथवा आपत्ति के लिए प्रपत्र-7 प्रस्तुत किए।

पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दावा-आपत्ति अवधि के दौरान विधानसभा स्तर पर निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा साप्ताहिक बैठकें आयोजित की गईं, जिनमें प्राप्त दावों एवं आपत्तियों की सूची मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ साझा की गई। इससे राजनीतिक दलों को पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने तथा अपात्र नामों के विलोपन में सहयोग करने का अवसर मिला।

21 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची

सभी दावों एवं आपत्तियों की सुनवाई तथा दस्तावेज़ सत्यापन के पश्चात पात्र पाए गए आवेदनों का निस्तारण किया जा रहा है। इसके बाद 21 फरवरी 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।

विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान प्राप्त सभी दावा-आपत्तियों की सूची मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ की आधिकारिक वेबसाइट ceocg.gov.in पर उपलब्ध है, जिसका अवलोकन कोई भी नागरिक कर सकता है।

नाम विलोपन को लेकर अफवाहें भ्रामक

निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची से नाम विलोपन को लेकर फैलाए जा रहे दावे पूरी तरह भ्रामक हैं। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 22 के अनुसार किसी मतदाता का नाम केवल तीन परिस्थितियों में ही हटाया जा सकता है—

  1. मतदाता की मृत्यु होने पर
  2. निवास स्थान का स्थायी रूप से अन्यत्र स्थानांतरण होने पर
  3. नाम का दोहरा (डुप्लीकेट) दर्ज होना

अपील का भी है अधिकार

यदि कोई मतदाता ERO के निर्णय से असंतुष्ट है, तो वह लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 24(क) के तहत जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रथम अपील तथा धारा 24(ख) के तहत मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष द्वितीय अपील कर सकता है। यह प्रक्रिया रजिस्ट्रेशन ऑफ इलेक्टर्स रूल्स, 1960 के नियम 27 के अनुसार की जाती है।

नागरिकों से अपील

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ यशवंत कुमार ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं से बचें तथा केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें। मतदाता सूची से संबंधित किसी भी सहायता के लिए नागरिक संबंधित बीएलओ, जिला निर्वाचन कार्यालय या निर्वाचन आयोग की वेबसाइट से संपर्क कर सकते हैं।

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