Report by manisha yadav
नई दिल्ली, होम मिनिस्टर अमित शाह ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने मंगलवार को बताया कि देश में नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या 6 ही रह गई है। पहले यह आंकड़ा 12 का था, लेकिन बीते कुछ महीनों में जिस तरह से नक्सलवाद के खिलाफ सरकार ने अभियान छेड़ा है, उससे राहत मिली है। अब देश के 6 जिले ही नक्सल प्रभावित बचे हैं। अमित शाह ने एक बार फिर से संकल्प दोहराया है कि 31 मार्च 2026 तक देश पूरी तरह से नक्सल मुक्त हो जाएगा। उन्होंने एक्स पर लिखा कि मोदी सरकार सशक्त, सुरक्षित और समृद्ध भारत बना रही है। हम विकास के रास्ते पर बढ़ रहे हैं और तेजी से देश नक्सलमुक्त हो रहा है। 31 मार्च, 2026 तक भारत पूरी तरह से नक्सल मुक्त हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि भारत नक्सलवाद को 31 मार्च 2026 तक पूरी तरह से जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए प्रतिबद्ध है। शाह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘नक्सल मुक्त भारत के निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए आज हमारे देश ने वामपंथी उग्रवाद से सर्वाधिक प्रभावित जिलों की संख्या को 12 से घटाकर मात्र छह करके एक नई उपलब्धि हासिल की है।’ केंद्रीय गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) प्रभावित जिले वे हैं, जहां नक्सली गतिविधियां एवं हिंसा अब भी जारी है।
अब 6 जिलों में ही बचा है नक्सलवाद, 10 सालों में 29 जिले मुक्त
इन जिलों को ‘सबसे अधिक प्रभावित जिले’ के रूप में उप-वर्गीकृत किया गया है। यह 2015 में लाई गई शब्दावली है। इसके अलावा एक उप वर्ग ‘चिंताजनक जिलों’ की श्रेणी का है। यह उप श्रेणी 2021 में बनाई गई थी। पिछली समीक्षा के अनुसार ‘सर्वाधिक प्रभावित जिले’ 12 थे। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार 2015 में ऐसे 35 जिले, 2018 में 30 जिले और 2021 में 25 जिले थे। अब यह आंकड़ा तेजी से कम होता जा रहा है। साफ है कि बीते 10 सालों में 29 जिलों से नक्सलवाद समाप्त हो चुका है और अब सिर्फ 6 जिलों में ही यह बचा है।