Report by manisha yadav
Holi Date, Lunar Eclipse: होली रंगों का त्योहार है। होली सत्य की विजय व अत्याचारी के दमन का प्रतीक है। होली के दिन अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग प्रकार से मनाने का विधान है, लेकिन अपने से बड़े व छोटे सबको अबीर व गुलाल लगाकर प्रणाम करना, गले मिलना व मिठाई बांटने की परम्परा के साथ रंग भी एक दूसरे के ऊपर डालने का विधान है। इस साल होली के दिन साल का पहला चंद्र ग्रहण भी लगने जा रहा है। ऐसे में गौर करने वाली बात यह रहेगी कि त्योहार पर ग्रहण का प्रभाव होगा या नहीं! आइए जानते हैं रंगों वाली होली कब खेली जाएगी व चंद्र ग्रहण का होली पर प्रभाव-
क्या 14 को खेली जाएगी होली: पंचांग अनुसार, इस साल फाल्गुन पूर्णिमा तिथि 13 मार्च को सुबह 10 बजकर 35 मिनट से 14 मार्च को दोपहर 12 बजकर 23 मिनट तक है। ज्योतिषाचार्य पंडित शोभित शास्त्री के अनुसार, इस साल रंगों का त्योहार होली 14 मार्च दिन शुक्रवार को मनाई जाएगी। 13 मार्च की रात होलिका दहन किया जाएगा और उसके अगले दिन होली मनाई जाएगी। वहीं, महर्षि पाराशर ज्योतिष संस्थान के ज्योतिषाचार्य पं. राकेश पाण्डेय के अनुसार, 14 मार्च को काशी क्षेत्र में होली मनाई जाएगी। काशी के अन्यत्र होलिकोत्सव 15 मार्च दिन शनिवार को सर्वत्र धूमधाम से मनाया जाना शुभप्रद है।
जानें चंद्र ग्रहण का होली पर कैसा रहेगा प्रभाव: साल का पहला चंद्र ग्रहण होली के दिन 14 मार्च को लगेगा। चंद्र ग्रहण का प्रारंभ सुबह में 09:29 बजे से होगा और इसका समापन दोपहर में 03:29 बजे होगा। साल का पहला चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसके कारण यहां पर न तो चंद्र ग्रहण का कोई दुष्प्रभाव होगा और ना ही इसका कोई सूतक काल मान्य होगा। ऐसे में होली के त्योहार पर चंद्र ग्रहण का साया नहीं होगा। आप 14 मार्च को हर्षोल्लास के साथ होली का त्योहार मनाएं। अपनों के साथ रंग और गुलाल खेलें।
भारत पर क्यों नहीं कोई प्रभाव: चंद्र ग्रहण भारतीय समय अनुसार दिन में घटित होने वाला है। इस कारण से इसका कोई भी प्रभाव नहीं होगा।
कहां रहेगा चंद्र ग्रहण का प्रभाव: साल के पहले चंद्र ग्रहण का प्रभाव मुख्य रूप से ऑस्ट्रेलिया, यूरोप व अफ्रीका के अधिकांश क्षेत्र के अलावा प्रशांत, अटलांटिक, आर्कटिक महासागर, उत्तरी व दक्षिणी अमेरिका, पूर्वी एशिया और अंटार्कटिका पर पड़ेगा।