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Thursday, 21 October 2021 - 6:56am

Report by
ANAS
रायपुर जनसंपर्क विभाग के अधिकारी-कर्मचारी सोमवार को हड़ताल पर रहे। राज्य के 21 वर्षों के इतिहास में यह पहला मौका है जब जनसपंर्क विभाग के अधिकारियों ने हड़ताल किया। वे राज्य प्रशासनिक सेवा (राप्रसे) के कनिष्ठ अधिकारी की जनसंपर्क संचालक बनाए जाने का विरोध कर रहे हैं। मांगें पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। इस हड़ताल की वजह से सोमवार को कोई भी सरकारी सूचना, समाचार, विज्ञप्ति व विज्ञापन आदि जारी नहीं हुआ। वहीं दूसरी तरफ राजपत्रित अधिकारी संघ ने जनसंपर्क विभाग की इन मांगों का पुरजोर समर्थन कर समूचे राज्य में काली पट्टी लगाकर विरोध दर्ज किया।
जनसंपर्क अधिकारी संघ के आह्वान पर राजधानी समेत प्रदेश के सभी जिलों के जनसंपर्क कार्यालयों में संपूर्ण तालाबंदी रही। प्रदेशभर के सभी जनसंपर्क कार्यालयों में कलम बंद का ऐतिहासिक असर देखने को मिला। संचालनालय व सभी जनसंपर्क कार्यालयों में अधिकारियों-कर्मचारियों सहित समस्त स्टाफ की उपस्थिति शून्य रही। वहीं, राजपत्रित अधिकारी संघ के सैकड़ों सदस्यों ने अध्यक्ष कमल वर्मा के नेतृत्व में नवा रायपुर इंद्रावती भवन में में काली पट्टी लगाकर प्रदर्शन किया।
वर्मा ने कहा कि सभी विभागों में योग्य अधिकारियों की कोई कमी नहीं है। ऐसे में राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की विभागाध्यक्ष जैसे पद पर नियुक्त करना विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अपमान के साथ ही नियम विरुद्ध है।
राजभवन और कवर्धा को रखा गया हड़ताल से अलग
राजभवन में उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के शपथ ग्रहण और राज्यपाल के पद की गरिमा के अनुकूल कार्यक्रम की महत्ता को ध्यान में रखकर राजभवन प्रेस प्रकोष्ठ को कलम बंद विरोध से मुक्त रखा। इसी तरह कवर्धा में कानून व्यवस्था की स्थिति के मद्देनजर जिला जनसंपर्क कार्यालय कवर्धा को भी इस विरोध प्रदर्शन से लोकहित में मुक्त रखा गया।

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