e-mail : abdulhamid97@gmail.com

Tuesday, 1 December 2020 - 2:02am

Report by
Nadeem

बिलासपुर। Bilaspur News: मुंगेली कलेक्टोरेट में उस वक्त हंगामा मच गया जब अचानक यहां कुछ भूत पहुंच गए। काफी पहले मर चुके यह भूत कलेक्टर से गुहार लगाने लगे कि कलेक्टर साहब ऐसा कुछ करिये कि हम लोग फिर से जिंदा हो जाएं। हैरान करने वाली यह बात ये है कि ये सभी हितग्राही जिंदा हैं। शासन की योजनाओं का लाभ लेने सरकारी दस्तावेजों में इनको मृत बता दिया गया है।

शासन का अधिकार अंतिम पायदान तक पहुंचाने के मकसद से जिस पंचायती राज की शुरुआत की गई थी उसकी हकीकत यह कथित भूत खोल रहे हैं। यह मामला लोरमी विकासखंड के चेचानडीह ग्राम पंचायत का है। शासन की जनहितकारी योजनाओं का लाभ किसे मिलेगा और किसे नहीं इसका फैसला गांव के जनप्रतिनिधि करते हैं। जिनकी साजिश, लालच और आपसी विद्वेष, नतीजों को मनचाहे ढंग से आकार देती है। यह मामला भी उसी से जुड़ा हुआ है। गांव के सात हितग्राहियों ने अपना आवेदन सरपंच को प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए दिया था।

सरपंच ने साजिश करते हुए इन सभी हितग्राहियों को सरकारी दस्तावेज में मृत घोषित करते हुए इनका नाम ही पंचायत सूची से गायब कर दिया। सरपंच के इस कारनामे से यह सभी बड़ी आसानी से शासन की योजनाओं से अपने आप बाहर हो गए।

जब इन्हें बताया गया कि यह तो काफी पहले ही मर चुके हैं तो इनके पैरों तले जमीन खिसक गई। अब इन्हें हर जगह जाकर अपने जीवित होने का प्रमाण देना पड़ रहा है। गांव में यह चलते-फिरते भूत जैसे हैं, जो सरकारी दस्तावेजों में तो मृत है लेकिन असल में यह दिखाई भी पड़ते हैं। लाचार होकर सरपंच की करतूत उजागर करने यह सभी बुधवार को कलेक्टोरेट पहुंचे। यहां उन्होंने स्वयं के जीवित होने की गुहार लगाते हुए कलेक्टर से मांग की कि सरकारी दस्तावेजों में उन्हें वापस जीवित कर दे ताकि शासन की योजनाओं का लाभ मिल सके।

शेयर करे

Add new comment

जनता की राय

अपनी राय दीजिये ,26 जनवरी में कागज के तिरंगे पर प्रतिबंध लगाना चाहिए ताकी उसका अपमान न हो ?

User login