92 हजार टीकों से मुस्कुराया पशुधन, संवर रही ग्रामीण अर्थव्यवस्था
Report by manisha yadav रायपुर, पशुधन को खुरपका-मुंहपका, गलघोंटू, और लंगड़ा बुखार जैसी घातक बीमारियों से बचाने के लिए समय पर टीकाकरण सबसे प्रभावी उपाय है। इससे न केवल पशुओं की असमय मृत्यु रुकती है, बल्कि उनका दूध व मांस उत्पादन भी सुरक्षित रहता है। पशु चिकित्सा टीकों का महत्व सुरक्षित और कुशल खाद्य उत्पादन…
