रायगढ़। प्रदेश के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने रायगढ़ प्रवास के दौरान आध्यात्मिक परंपरा का निर्वहन करते हुए दिन की शुरुआत गुरु दर्शन से की। सुबह की पहली किरण के साथ वे ग्राम बनोरा स्थित अघोर गुरुपीठ पहुंचे, जहां उन्होंने अघोरेश्वर बाबा राम जी की प्रतिमा के दर्शन कर नमन किया। इसके पश्चात आश्रम में बाबा प्रियदर्शी राम जी से विधिवत आशीर्वाद लिया और प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। Also Read – कलिंगा यूनिवर्सिटी के तीन विदेशी छात्र गैर इरादतन हत्या के मामले में गिरफ्तार वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने इस अवसर पर कहा कि साधु-संतों का आशीर्वाद मानव जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक होता है। आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मक विचार व्यक्ति को सही दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध संस्कृति, गहरी आध्यात्मिक परंपरा और सामाजिक सौहार्द से है। यही मूल्य राज्य को एकजुट रखते हैं और विकास के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती संत, महात्मा और साधकों की तपोभूमि रही है। यहां की आध्यात्मिक विरासत ने समाज को सद्भाव, सेवा और समानता का संदेश दिया है। राज्य सरकार भी इन्हीं मूल्यों को आधार बनाकर जनकल्याण, समावेशी विकास और सुशासन के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और प्रदेश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहे।
वित्त मंत्री ने आश्रम परिसर में कुछ समय व्यतीत कर साधना स्थल का अवलोकन भी किया। उन्होंने अघोर परंपरा की सामाजिक और आध्यात्मिक भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि यह परंपरा मानवता, सेवा और आत्मिक शुद्धता का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक संस्थान समाज में नैतिक मूल्यों को मजबूत करने का कार्य करते हैं, जो आज के समय में और भी आवश्यक हो गया है। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। सभी ने वित्त मंत्री के आगमन का स्वागत किया और उनसे क्षेत्र के विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा भी की। आश्रम परिसर में पूरे कार्यक्रम के दौरान शांत, श्रद्धामय और सकारात्मक वातावरण बना रहा।
