मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में होने वाले इन चुनावों में कुल 17.4 करोड़ मतदाता हिस्सा लेंगे। इन पांच राज्यों व केंद्र शासित प्रदेश में कुल 824 विधानसभा क्षेत्र हैं, जबकि मतदान केंद्रों की संख्या लगभग 2.19 लाख होगी।
भारत निर्वाचन आयोग ने तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। चुनाव आयोग के अनुसार, तमिलनाडु में एक फेज में चुनाव होंगे। 23 अप्रैल को वोटिंग और चार मई रिजल्ट आएंगे। गौरतलब है कि तमिलनाडु का 10 मई को कार्यकाल समाप्त हो रहा है। मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि इन सभी क्षेत्रों में मतदाता सूची के सत्यापन, सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा एवं अन्य आवश्यक तैयारियों का व्यापक आकलन पूरा कर लिया है। चुनाव कार्यक्रम की विस्तृत घोषणा के बाद संबंधित राज्यों में आचार संहिता भी तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
इससे पहले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा है कि चुनाव आयोग ने असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के हालिया दौरों के दौरान इन राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अपने बयान में कहा कि पिछले कुछ दिनों में हमने इन सभी पांच चुनाव वाले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का दौरा किया, जहां मतदाताओं से सीधे संवाद किया गया। आयोग ने विशेष रूप से उत्कृष्ट कार्य करने वाले बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को सम्मानित किया। साथ ही, युवा मतदाताओं, पहली बार वोट डालने वालों और स्वीप (SVEEP) कार्यक्रम के आइकनों से भी बातचीत की, जो मतदाता जागरूकता गतिविधियों में सक्रिय हैं।
उन्होंने आगे कहा कि जैसा कि सभी जानते हैं, ये पांच राज्य और केंद्र शासित प्रदेश भारत के विविध भौगोलिक, सांस्कृतिक और सामाजिक परिदृश्य का प्रतिनिधित्व करते हैं। यहां होने वाले विधानसभा चुनाव न केवल लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं, बल्कि देश की सांस्कृतिक समृद्धि, एकता में विविधता और राष्ट्रीय एकजुटता को भी उजागर करते हैं। चुनाव आयोग इन दौरों के माध्यम से मतदाता सूची संशोधन (SIR), बूथ स्तर की तैयारियां और जागरूकता अभियानों पर विशेष फोकस कर रहा है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने विधानसभा चुनावों को ‘लोकतंत्र का त्योहार’ करार देते हुए कहा कि यह देश का गौरव है। असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में होने वाले इन चुनावों में कुल 17.4 करोड़ मतदाता हिस्सा लेंगे। इन पांच राज्यों व केंद्र शासित प्रदेश में कुल 824 विधानसभा क्षेत्र हैं, जबकि मतदान केंद्रों की संख्या लगभग 2.19 लाख होगी। चुनाव प्रक्रिया में करीब 25 लाख कर्मचारी शामिल होंगे।
