Report by manisha yadav
रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री व छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डा. रमन सरकार के कार्यकाल में पारित धर्म स्वातंत्र्य संशोधन विधेयक 2006 को राष्ट्रपति द्वारा वापस भेजे जाने के बाद अब राज्यपाल रमेन डेका ने इसे पुन विचार के लिए विधानसभा को लौटा दिया है। इसके साथ ही राज्य में नया धर्म स्वतंत्रता विधेयक लाने का रास्ता साफ हो गया है।
तत्कालीन मुख्यमंत्री रमन सिंह की सरकार में वर्ष 2006 में यह विधेयक पारित किया गया था, जिसे अनुमोदन के लिए राष्ट्रपति के पास भेजा गया था। लंबे समय बाद राष्ट्रपति ने इस विधेयक को वापस कर दिया है। अब राज्यपाल रमेन डेका ने इसे पुनर्विचार के लिए विधानसभा भेज दिया है। इसके बाद सरकार नए सिरे से धर्म स्वतंत्रता विधेयक सदन में पेश कर सकेगी। विधानसभा में नया विधेयक पेश होने और पारित होने की स्थिति में राज्य में धर्मातरण से जुड़े प्रावधानों को लेकर नया कानून लागू होने का रास्ता खुल जाएगा।
