Report by manisha yadav
रायगढ़। जिले में तंबाकू और नशीले पदार्थों के सेवन पर नियंत्रण को लेकर प्रशासन ने विशेष अभियान चलाया, जिसमें शहर के सिग्नल चौक और मेडिकल कॉलेज क्षेत्र के पान ठेलों और तंबाकू विक्रेताओं का व्यापक निरीक्षण किया गया। यह अभियान राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत की अध्यक्षता और जिला कार्यक्रम प्रबंधक रंजना पैंकरा के निर्देशन में संपन्न हुआ। निरीक्षण टीम का नेतृत्व तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम नोडल अधिकारी डॉ. विवेक उपाध्याय ने किया।
निरीक्षण के दौरान कई दुकानों में कोटपा एक्ट 2003 के प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया। पुलिस विभाग और खाद्य एवं औषधि विभाग के ड्रग इंस्पेक्टरों की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 15 पान ठेलों पर कुल 2450 रुपये का जुर्माना वसूला। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्थानों पर बिना चेतावनी बोर्ड के तंबाकू और सिगरेट की बिक्री करना कानूनन अपराध है। अभियान का उद्देश्य केवल दंडात्मक कार्रवाई नहीं, बल्कि पान ठेलों के मालिकों को कोटपा एक्ट 2003 की जानकारी देना और नियमों का पालन सुनिश्चित करना भी था।
कोटपा एक्ट के प्रावधानों के तहत: धारा 4: सार्वजनिक स्थानों पर “धूम्रपान रहित क्षेत्र” का बोर्ड लगाना अनिवार्य, उल्लंघन पर 200 रुपये तक का जुर्माना। धारा 5: तंबाकू उत्पाद बेचने वाले प्रत्येक प्रतिष्ठान पर “तंबाकू से कैंसर होता है” जैसी चेतावनी लिखी हो। धारा 6: 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों को तंबाकू उत्पाद बेचना और किसी भी शैक्षणिक संस्थान के 100 गज के दायरे में तंबाकू की बिक्री प्रतिबंधित। धारा 7: बिना वैधानिक चित्रित चेतावनी वाले तंबाकू उत्पादों की बिक्री दंडनीय।
अभियान के दौरान सभी पान ठेलों में आवश्यक चेतावनी बोर्ड का वितरण किया गया और दुकानदारों को भविष्य में नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए। अभियान में चक्रधर नगर क्षेत्र के आरक्षक एम. मिंज और रवि किशोर साय, तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम प्रभारी सीमा बरेठ, ड्रग इंस्पेक्टर सविता रानी साय और संतोषी राज की सक्रिय भागीदारी रही। अधिकारियों ने आम नागरिकों से भी अपील की कि वे तंबाकू सेवन से दूर रहें और स्वस्थ एवं स्वच्छ समाज के निर्माण में योगदान दें। जिला प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि भविष्य में भी ऐसे विशेष निरीक्षण और चालानी अभियान लगातार चलाए जाएं ताकि तंबाकू और नशीले पदार्थों के सेवन पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।
इस अभियान ने यह स्पष्ट किया कि रायगढ़ प्रशासन स्वास्थ्य सुरक्षा और किशोर सुरक्षा को लेकर गंभीर है और कोटपा एक्ट 2003 के प्रावधानों का पालन कराना प्राथमिकता में है। अभियान के माध्यम से न केवल नियम उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई, बल्कि दुकानदारों और नागरिकों में स्वास्थ्य जागरूकता भी बढ़ाई गई। रायगढ़ में चलाए गए तंबाकू नियंत्रण अभियान से यह संदेश गया कि जनता और प्रशासन एक साथ मिलकर नशीले पदार्थों और तंबाकू के सेवन पर रोक लगाने में सहयोग कर सकते हैं। ऐसे अभियान न केवल कानून का पालन सुनिश्चित करते हैं, बल्कि समाज में स्वस्थ जीवनशैली और बच्चों की सुरक्षा को बढ़ावा देते हैं।
