Report by manisha yadav
सूरजपुर। सूरजपुर जिले की गायत्री खदान से कोयला चोरी की शिकायत के बाद बुधवार को पुलिस ने छापा मारा और खदान से चोरी कर ले जाने वाले लगभग 33 टन कोयला, 13 मोटरसाइकिल और 7 साइकिलें जब्त की हैं। पुलिस अब चोरी में शामिल आरोपियों की तलाश कर रही है। मामला विश्रामपुर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, एसईसीएल विश्रामपुर की गायत्री खदान में कई दिनों से ग्रामीण खदान में घुसकर कोयला चोरी कर रहे थे। आरोपी सुरक्षा कर्मियों को धमकी देकर कोयला निकालकर बाइक और साइकिल के माध्यम से ले जाते थे।
इस शिकायत के मिलने के बाद एसडीओपी सूरजपुर अभिषेक पैंकरा के नेतृत्व में पुलिस और खदान कर्मचारियों की संयुक्त टीम ने खदान में अचानक दबिश दी। पुलिस टीम को देखकर कोयला चोरी कर रहे ग्रामीण भाग खड़े हुए और अपनी मोटरसाइकिल तथा साइकिल वहीं छोड़कर फरार हो गए। मौके से पुलिस ने कुल 450 बोरी कोयला जब्त किया, जो लगभग 33 टन है। इन बोरीयों की अनुमानित कीमत लगभग 2 लाख रुपए आंकी गई है। इसके साथ ही पुलिस ने 13 मोटरसाइकिल और 7 साइकिलें भी जब्त कीं। जब्त कोयला और वाहनों को खदान प्रबंधन को सौंप दिया गया है। इस मामले में धारा 106 बीएनएसएस के तहत कार्रवाई की गई है।
एसईसीएल के गायत्री खदान की बाउंड्रीवाल टूटी हुई पाई गई है, जिसे ठीक कराने के निर्देश खदान प्रबंधन को दिए गए हैं। खदान में सुरक्षा में यह खामी भी कोयला चोरी के मामलों को बढ़ावा देती रही है। एसईसीएल के अन्य खदानों में भी कोयला चोरी की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। पिछले कुछ समय में महान 3 खदान से गाड़ियों के माध्यम से बड़े पैमाने पर कोयला चोरी का मामला सामने आया था। स्थानीय ग्रामीण खदानों में घुसकर छोटे-बड़े पैमाने पर कोयला चोरी कर रहे हैं। इससे एसईसीएल प्रबंधन को लाखों रुपए का नुकसान रोजाना उठाना पड़ रहा है। खदान प्रबंधन और पुलिस ने मिलकर कहा है कि सख्त सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे। खदानों की बाउंड्रीवाल को मजबूत किया जाएगा और चोरी रोकने के लिए लगातार निरीक्षण और निगरानी की जाएगी।
पुलिस और खदान प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि खदान क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत अधिकारियों को दें। इस कार्रवाई से खदान चोरी के मामलों में प्रशासन ने कड़ी चेतावनी दी है। खदान प्रबंधन और पुलिस का कहना है कि आगे भी ऐसे छापामार अभियान चलाए जाएंगे ताकि खदानों में चोरी पर अंकुश लगाया जा सके और एसईसीएल के लाखों रुपए का नुकसान रोका जा सके। सूरजपुर की गायत्री खदान में हुई इस कार्रवाई ने यह संदेश दिया है कि खदान क्षेत्र में कोई भी अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन और सुरक्षा टीमों की सतर्कता के कारण अब खदानों में चोरी की घटनाओं पर नियंत्रण पाने की संभावना बढ़ गई है।
