Report by manisha yadav
रायपुर में सोमवार को फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ की प्री-लॉन्च स्क्रीनिंग सेरेमनी का भव्य आयोजन किया गया। राजधानी के जोरा मॉल में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, अभिनेत्री एवं सांसद कंगना रनौत, फिल्म निर्देशक मनोज तापड़िया सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, कलाकार और दर्शक मौजूद रहे।
यह आयोजन केवल एक फिल्म की स्क्रीनिंग तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन अनसुने नायकों को सम्मान देने का अवसर भी बना, जिन्होंने संकट की घड़ी में मानवता और कर्तव्य का परिचय दिया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया स्वागत
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह गर्व का विषय है कि अभिनेत्री Kangana Ranaut की फिल्म की प्री-लॉन्च स्क्रीनिंग प्रदेश में आयोजित की गई है।
उन्होंने छत्तीसगढ़ को माता कौशल्या की जन्मभूमि और भगवान श्रीराम के ननिहाल की पावन धरती बताते हुए कंगना रनौत का आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश हमेशा कला, संस्कृति और रचनात्मक प्रतिभाओं का सम्मान करता रहा है।
अनसुने नायकों को समर्पित है फिल्म
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘भारत भाग्य विधाता’ उन लोगों की कहानी को सामने लाने का प्रयास है, जिनके योगदान को अक्सर पर्याप्त पहचान नहीं मिल पाती।
उन्होंने विशेष रूप से 26/11 मुंबई आतंकी हमले का उल्लेख करते हुए कहा कि उस कठिन समय में नर्सों, डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की मदद की थी। ऐसे कर्मवीरों की कहानियां समाज को प्रेरणा देती हैं और उन्हें सम्मान मिलना चाहिए।
छत्तीसगढ़ के बेटे ने लिखी कहानी
मुख्यमंत्री ने बताया कि फिल्म के निर्देशक Manoj Tapadia छत्तीसगढ़ से जुड़े हैं और उन्होंने इसी मिट्टी से प्रेरणा लेकर इस कहानी को आकार दिया है।
उन्होंने कहा कि यह पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है कि स्थानीय प्रतिभाएं राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रही हैं। मुख्यमंत्री ने फिल्म की पूरी टीम को सफलता और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
कंगना रनौत ने जताया आभार
कार्यक्रम में अभिनेत्री एवं सांसद कंगना रनौत ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि व्यस्त सरकारी कार्यक्रमों के बावजूद मुख्यमंत्री का आयोजन में शामिल होना कलाकारों और फिल्म जगत के लिए सम्मान की बात है।
कंगना ने बताया कि निर्देशक मनोज तापड़िया की विशेष इच्छा थी कि फिल्म की पहली स्क्रीनिंग छत्तीसगढ़ में आयोजित की जाए, क्योंकि इस कहानी की प्रेरणा और जड़ें इसी प्रदेश से जुड़ी हुई हैं।
‘भारत भाग्य विधाता वॉरियर्स’ का हुआ सम्मान
समारोह का एक महत्वपूर्ण हिस्सा उन लोगों को सम्मानित करना भी रहा, जिन्होंने आपातकालीन सेवाओं में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘भारत भाग्य विधाता वॉरियर्स’ को सम्मानित कर उनके साहस, सेवा और समर्पण को सराहा। इस दौरान उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ इन कर्मवीरों का अभिनंदन किया।
कई दिग्गज रहे मौजूद
कार्यक्रम में प्रदेश के कई मंत्री, सांसद, विधायक, प्रशासनिक अधिकारी और फिल्म जगत से जुड़े प्रतिष्ठित लोग शामिल हुए। आयोजन ने फिल्म, समाज सेवा और जनप्रतिनिधियों के बीच एक सकारात्मक संवाद का मंच भी तैयार किया।
