Report by manisha yadav
विवाह मुहूर्त 2026
अधिकमास (मलमास) समाप्त होने के साथ ही एक बार फिर से शुभ और मांगलिक कार्यों का दौर शुरू होने जा रहा है। पिछले एक महीने से विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और अन्य शुभ कार्यों पर लगी रोक अब हटने वाली है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार 19 जून 2026 से विवाह के शुभ मुहूर्त शुरू हो रहे हैं, लेकिन इस बार शादी के लिए समय बहुत सीमित है।
परिवारों के पास केवल कुछ दिनों का ही अवसर रहेगा, क्योंकि जुलाई के अंत में चातुर्मास शुरू होते ही चार महीने तक फिर से मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा। ऐसे में जिन परिवारों में शादी की तैयारी चल रही है, उनके लिए यह समय बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
19 जून से शुरू होंगे शुभ विवाह मुहूर्त
ज्योतिषीय गणना के अनुसार जून 2026 में विवाह के लिए कुल 9 प्रमुख शुभ तिथियां उपलब्ध हैं।
जून 2026 के शुभ विवाह मुहूर्त
- 19 जून
- 20 जून
- 23 जून
- 24 जून
- 25 जून
- 26 जून
- 27 जून
- 28 जून
- 29 जून
मान्यता है कि इन तिथियों में विवाह करने से दांपत्य जीवन में सुख, समृद्धि और सौभाग्य का आगमन होता है।
जुलाई में भी सीमित रहेंगे अवसर
जून के बाद जुलाई महीने में भी कुछ शुभ मुहूर्त उपलब्ध रहेंगे, लेकिन यह अवधि ज्यादा लंबी नहीं होगी। ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार जुलाई में केवल 12 तारीख तक ही विवाह के लिए अनुकूल समय रहेगा।
इसके बाद धीरे-धीरे चातुर्मास की शुरुआत की तैयारियां शुरू हो जाएंगी, जिसके चलते अधिकांश मांगलिक कार्य स्थगित कर दिए जाते हैं।
25 जुलाई से शुरू होगा चातुर्मास
इस वर्ष 25 जुलाई 2026 से चातुर्मास प्रारंभ हो रहा है, जो 21 नवंबर 2026 तक चलेगा।
हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दौरान भगवान Vishnu योगनिद्रा में चले जाते हैं। माना जाता है कि इस अवधि में शुभ कार्यों की शुरुआत करना उचित नहीं होता।
चातुर्मास में आमतौर पर नहीं किए जाते ये कार्य
- विवाह समारोह
- गृह प्रवेश
- मुंडन संस्कार
- नए घर की खरीद
- बड़े मांगलिक आयोजन
हालांकि पूजा-पाठ, व्रत, दान-पुण्य और धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष महत्व रहता है।
क्यों खास है यह विवाह सीजन?
इस बार विवाह योग्य परिवारों के लिए समय काफी कम है। 19 जून से लेकर जुलाई के मध्य तक का समय ही मुख्य रूप से उपलब्ध रहेगा। इसके बाद लगभग चार महीने तक विवाह समारोह आयोजित नहीं किए जाएंगे।
परिवारों के लिए जरूरी सलाह
- विवाह स्थल की बुकिंग जल्द करें।
- कैटरिंग और सजावट की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित करें।
- शुभ मुहूर्त के अनुसार पंडित से तिथि की पुष्टि कर लें।
- यात्रा और आवास की व्यवस्था समय रहते पूरी करें।
