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रायपुर के नितिन ने रचा इतिहास, मिली UGC-NFSC फेलोशिप; यूनिवर्सिटी के पहले स्कॉलर बने

Report by manisha yadav

रायपुर। मैट्स यूनिवर्सिटी के मैट्स स्कूल ऑफ लाइब्रेरी साइंस के रिसर्च स्कॉलर नितिन कुमार चेलक ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। नितिन को भारत सरकार की प्रतिष्ठित UGC-NFSC फेलोशिप से सम्मानित किया गया है। खास बात यह है कि वे अपने विभाग और मैट्स यूनिवर्सिटी के पहले ऐसे स्कॉलर हैं, जिन्हें अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए राष्ट्रीय फेलोशिप (NFSC) मिली है।

नितिन की इस उपलब्धि से मैट्स स्कूल ऑफ लाइब्रेरी साइंस के साथ पूरी यूनिवर्सिटी में खुशी का माहौल है। यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने इसे शोध के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए नितिन को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं।

लाइब्रेरी साइंस से की पढ़ाई, अब कर रहे PhD

नितिन कुमार चेलक ने मैट्स यूनिवर्सिटी के मैट्स स्कूल ऑफ लाइब्रेरी साइंस से B.LIB.I.Sc. और M.LIB.I.Sc. की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में वे इसी यूनिवर्सिटी में लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस विषय में PhD कर रहे हैं।

उनके शोध कार्य का मार्गदर्शन विभागाध्यक्ष डॉ. कल्पना चंद्राकर कर रही हैं। पढ़ाई से लेकर शोध तक नितिन ने इसी संस्थान से अपनी अकादमिक यात्रा को आगे बढ़ाया और अब प्रतिष्ठित राष्ट्रीय फेलोशिप हासिल कर यूनिवर्सिटी का नाम रोशन किया है।

नितिन की उपलब्धि की खास बातें

  • नितिन कुमार चेलक मैट्स यूनिवर्सिटी के रिसर्च स्कॉलर हैं।
  • वे मैट्स स्कूल ऑफ लाइब्रेरी साइंस से जुड़े हैं।
  • उन्हें UGC की NFSC फेलोशिप मिली है।
  • वे अपने विभाग के पहले NFSC फेलोशिप प्राप्तकर्ता बने हैं।
  • यूनिवर्सिटी स्तर पर भी यह महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
  • नितिन वर्तमान में लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस में PhD कर रहे हैं।
  • उनकी PhD का मार्गदर्शन डॉ. कल्पना चंद्राकर कर रही हैं।

यूनिवर्सिटी ने बताया बड़ी उपलब्धि

मैट्स यूनिवर्सिटी की ओर से नितिन की सफलता को स्कॉलर्स के लिए मिलने वाले संस्थागत सहयोग का परिणाम बताया गया है। यूनिवर्सिटी के अनुसार, शोधार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए मेंटोरशिप प्रोग्राम, रिसर्च सुविधाओं और समर्पित स्टाफ के माध्यम से लगातार सहयोग दिया जाता है।

नोडल ऑफिसर तथा ‘मेकर एंड चेकर आईडी’ ऑफिस की ओर से मिली गाइडेंस का भी नितिन की सफलता में योगदान बताया गया है। यूनिवर्सिटी का कहना है कि सामूहिक प्रयास और उचित मार्गदर्शन से शोधार्थियों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है।

यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने दी बधाई

नितिन कुमार चेलक की सफलता पर मैट्स यूनिवर्सिटी के चांसलर श्री गजराज पगारिया, वाइस-चांसलर प्रो. (डॉ.) के.पी. यादव, डायरेक्टर जनरल श्री प्रियेश पगारिया, रजिस्ट्रार गोकुलानंदा पंडा और डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ. रमेश कुमार साहू सहित यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने उन्हें बधाई दी।

विभागाध्यक्ष डॉ. कल्पना चंद्राकर, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. प्रमोद कुमार, डॉ. साहित्यंजलि चंद्र, श्री संजय शाहजीत, सुश्री ओमलता साहू, श्री लुकेश मिर्चे और सहायक ग्रंथपाल श्री शशिकांत कोसरे सहित अन्य फैकल्टी सदस्यों ने भी नितिन को शुभकामनाएं दीं।

पिरदा गांव से निकलकर राष्ट्रीय स्तर तक बनाई पहचान

नितिन कुमार चेलक रायपुर के मंदिर हसौद क्षेत्र के पिरदा गांव से आते हैं। उनकी इस सफलता से परिवार के साथ-साथ गांव में भी खुशी का माहौल है। नितिन के पिता श्री संतराम चेलक ने बेटे की उपलब्धि पर गर्व जताया।

परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और गांव के लोगों ने नितिन को शुभकामनाएं दीं। ग्रामीण परिवेश से निकलकर उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर की फेलोशिप हासिल करना उनके परिवार और गांव के लिए भी गर्व का विषय बन गया है।

युवा शोधार्थियों के लिए बनी प्रेरणा

UGC-NFSC फेलोशिप हासिल करना नितिन के अकादमिक करियर के लिए महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। उनकी सफलता उन विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए भी प्रेरणा बन सकती है, जो उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने का सपना देखते हैं।

मैट्स यूनिवर्सिटी की इस उपलब्धि ने रिसर्च और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में संस्थान की गतिविधियों को भी नई पहचान दी है। नितिन की सफलता से यूनिवर्सिटी के अन्य शोधार्थियों को भी बेहतर अवसरों के लिए प्रयास करने और राष्ट्रीय स्तर की फेलोशिप हासिल करने की प्रेरणा मिलने की उम्मीद है।

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