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आधुनिक कृषि यंत्रों से खेती को मिली नई रफ्तार, फार्म मशीनरी बैंक बना अतिरिक्त आय का माध्यम

Report by manisha yadav

कृषक श्री बोधन कोरेटी को प्रतिवर्ष लगभग 03 लाख रुपये अतिरिक्त आय की उम्मीद

उत्तर बस्तर कांकेर, खेती को आधुनिक एवं लाभकारी बनाने के लिए कृषि में उन्नत तकनीक और कृषि यंत्रों का उपयोग आज समय की आवश्यकता बन गया है। विशेषकर लघु एवं सीमांत किसानों के लिए महंगे कृषि यंत्र खरीदना आसान नहीं होता। ऐसे में कृषि अभियांत्रिकी विभाग की फार्म मशीनरी बैंक योजना किसानों के लिए नई उम्मीद बनकर सामने आई है। इस योजना का लाभ लेकर कांकेर विकासखंड के ग्राम किरगापाटी निवासी कृषक श्री बोधन कोरेटी ने न केवल अपनी कृषि गतिविधियों को आधुनिक स्वरूप दिया है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए भी कृषि यंत्रीकरण की सुविधा उपलब्ध कराने की पहल की है। राज्योत्सव-2026 के अवसर पर मुख्य अतिथि वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के कर कमलों श्री बोधन कोरेटी को टैªक्टर एवं अनुदान राशि का चेक प्रदाय किया गया।
           कृषक श्री बोधन कोरेटी ने बताया कि उनके पास कुल 05 एकड़ 35 डिसमिल कृषि भूमि है तथा उनके परिवार में 6 सदस्य हैं। पहले कृषि कार्यों के लिए आवश्यक मशीनरी उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें खेत की तैयारी, बुवाई एवं अन्य कृषि कार्यों के लिए दूसरे किसानों अथवा किराये के कृषि यंत्रों पर निर्भर रहना पड़ता था। इससे समय और श्रम अधिक लगता था तथा खेती की लागत भी बढ़ जाती थी। कृषि कार्यों को आसान बनाने और आय के नए अवसर विकसित करने के उद्देश्य से श्री कोरेटी ने कृषि अभियांत्रिकी विभाग की फार्म मशीनरी बैंक योजना का लाभ लेने का निर्णय लिया। उन्होंने 15 लाख रुपये की कुल परियोजना लागत से फार्म मशीनरी बैंक स्थापित किया। इसके लिए 12 लाख रुपये का बैंक ऋण प्राप्त किया गया तथा योजना के नियमानुसार ऋण उपरांत 06 लाख रुपये का विभागीय अनुदान प्राप्त होने का प्रावधान है।
          श्री कोरेटी के फार्म मशीनरी बैंक में खेती के विभिन्न कार्यों के लिए आधुनिक एवं उन्नत कृषि यंत्र उपलब्ध हैं। इनमंश खेत की तैयारी के लिए ट्रैक्टर एवं रोटावेटर, धान की सीधी बुवाई के लिए डीएसआर सीड ड्रिल, फसल प्रबंधन के लिए स्प्रेयर तथा कटाई एवं गहाई के लिए रीपर और थ्रेशर सहित अन्य कृषि यंत्र शामिल हैं। इन आधुनिक कृषि यंत्रों को किसान अपनी आवश्यकता के अनुसार किराये पर प्राप्त कर सकेंगे। इससे खेत की तैयारी से लेकर बुवाई, फसल प्रबंधन, कटाई एवं गहाई तक के कार्य समय पर पूरे करने में सुविधा मिलेगी। साथ ही किसानों को महंगे कृषि यंत्र खरीदने के लिए बड़ी राशि खर्च नहीं करनी पड़ेगी और श्रम एवं कृषि लागत में भी कमी आएगी। फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना श्री बोधन कोरेटी के लिए खेती के साथ अतिरिक्त आय का नया माध्यम बन गई है। कृषि यंत्रों को किराये पर उपलब्ध कराने से उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 03 लाख रुपये अतिरिक्त आय होने की उम्मीद है। इससे उनकी पारिवारिक आर्थिक स्थिति मजबूत होगी तथा कृषि के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा। कृषि अभियांत्रिकी विभाग की फार्म मशीनरी बैंक योजना ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने, किसानों की लागत कम करने, समय पर कृषि कार्य संपन्न कराने तथा स्वरोजगार के अवसर विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। श्री बोधन कोरेटी की यह सफलता अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा है।

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