सुशासन की रोशनी से संवर रहे हैं जीवन, नेत्रहीन इंद्राणी की राह पहले से हुई आसान
मोहला। जब जिंदगी अंधेरे से शुरू होती है, तब हर छोटा सहारा रोशनी की किरण बन जाता है। ऐसी ही एक प्रेरक कहानी है विकास खंड मोहला अंतर्गत ग्राम गुहाटोला की निवासी इंद्राणी निषाद की, जो बचपन से ही नेत्रहीन हैं। 40 वर्ष की उम्र में भी उन्होंने अपने साहस, धैर्य और आत्मविश्वास के बल…
