Report by manisha yadav
रायपुर/दुर्ग। बागेश्वर धाम के शास्त्री धीरेंद्र कृष्ण के हिंदुत्व को लेकर आगाह किए जाने से उपजे विवाद थम नहीं रहा है। इस मामले में छिड़े सियासी संग्राम में अब असुरों और जानवरों से तुलना करते हुए बयानों के तीर चल रहे हैं। इस कड़ी में सोमवार को पूर्व सीएम भूपेश बघेल द्वारा धीरेंद्र शास्त्री को भाजपा का एजेंट कहे जाने पर अयोध्या के संत राजू दास भड़क गए हैं।
उन्होंने कहा, बघेल कहते हैं कि उनके घर में पांच संत हुए। लेकिन रावण किसका बेटा था? वो भी एक संत का बेटा था। भूपेश शुद्ध रूप से रावण का दूसरा रूप है। उधर, भूपेश बघेल ने डिप्टी सीएम अरुण साव और विधायक अमर अग्रवाल पर हमला बोला है। भूपेश ने कहा कि सबने मिलकर एक बंदर को राजा बना दिया। साव की भी यही स्थिति है। दरअसल, रविवार को भिलाई में आयोजित हनुमंत कथा में हनुमानगढ़ी अयोध्या के महंत राजू दास पहुंचे थे। जहां उन्होंने कहा कि भूपेश की भाषा, भाव और कार्यशैली सनातन संस्कृति के विरुद्ध है। मिशनरियों के धर्मांतरण का धंधा बंद हो गया, इसलिए पूर्व सीएम को साधु-संत भाजपा के एजेंट लग रहे हैं।
एक पूर्व मुख्यमंत्री से इस तरह की ओछी और मर्यादाहीन टिप्पणी की अपेक्षा नहीं की जा सकती, विशेषकर तब जब वे खुद महात्मा गांधी की विचारधारा का दावा करने वाली पार्टी से आते हों। लाखों सनातनियों की आस्था का अपमान: महंत ने कहा कि संतों और धार्मिक कथावाचकों पर टिप्पणी करना न केवल साधु-संतों का अपमान है, बल्कि यह लाखों सनातनियों की आस्था पर सीधा कुठाराघात है। बाबा बागेश्वर धाम और पं. प्रदीप मिश्रा जैसे संतों को भाजपा का एजेंट बताना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। संतों का कार्य किसी राजनीतिक दल के लिए नहीं, बल्कि समाज के पीड़ित, दुखी और परेशान लोगों के कल्याण के लिए होता है।
