धान खरीदी में धांधली! भलेरा सहकारी समिति में पानी डालकर वजन बढ़ाने का मामला, ग्रामीणों में भारी आक्रोश

आरंग क्षेत्र के भलेरा सहकारी समिति में धान खरीदी को लेकर बड़ा घोटाला सामने आया है। यहां समिति के कर्मचारियों द्वारा धान की बोरियों में पाइप के जरिए पानी डालकर उन्हें भिगोने का मामला उजागर हुआ है। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।

होली के माहौल का उठाया गया फायदा!

ग्रामीणों का आरोप है कि इस पूरे कृत्य को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया। जानबूझकर होली के अगले दिन का समय चुना गया, क्योंकि उस दिन गांवों में आमतौर पर हलचल कम रहती है और लोग अपने-अपने घरों में रहते हैं। लेकिन समिति प्रबंधन और कर्मचारियों की यह चाल कामयाब नहीं हो सकी।

मिली जानकारी के अनुसार, जब समिति परिसर में धान की बोरियों में पाइप के जरिए पानी डाला जा रहा था, उसी दौरान एक ग्रामीण ने इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया। ग्रामीणों का कहना है कि धान की बोरियों में पानी डालकर उनका वजन बढ़ाने की कोशिश की जा रही थी, जिससे शासन को आर्थिक नुकसान पहुंच सकता है और पूरी खरीदी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की हरकत न केवल सरकारी व्यवस्था के साथ धोखा है, बल्कि ईमानदार किसानों की मेहनत के साथ भी खुला खिलवाड़ है। उनका आरोप है कि कुछ बेईमान कर्मचारियों की वजह से सरकार की भी छवि खराब होती है। वीडियो सामने आने के बाद गांव में इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है और लोग जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

घटना की जानकारी मिलते ही सैकड़ों ग्रामीण मंडी परिसर में पहुंच गए। मौके पर धान खरीदी केंद्र के व्यवस्थापक विष्णु साहू भी मौजूद थे, जो बार-बार ग्रामीणों को शांत रहने के लिए कहते नजर आए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि धान खरीदी के दौरान कई किसानों से 300-400 रु लेकर टोकन काटा गया। इसके अलावा ऋण और खाद वितरण के समय भी कुछ किसानों से चाय-पानी के नाम पर पैसे लिए जाने की बात कही गई है। किसानों का कहना है कि अब तक उन्होंने इसलिए आवाज नहीं उठाई ताकि धान बेचने में किसी तरह की परेशानी न हो।

समिति अध्यक्ष के बात से भड़के ग्रामीण

ग्रामीणों के मुताबिक जब मौके पर मौजूद समिति अध्यक्ष से इस पूरे मामले को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने किसानों को ही फटकारते हुए कहा कि तुम्हारा धान बिक गया और बोनस के पैसे भी मिल गए, अब क्या दिक्कत है, शांत रहों। अध्यक्ष के इस बयान के बाद ग्रामीणों का गुस्सा और भड़क गया और मंडी परिसर में भारी आक्रोश का माहौल बन गया।

कलेक्टर ने लिया संज्ञान

कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने मामले को संज्ञान में ले लिया है। मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया, जिसे तत्काल मौके पर पहुंचकर पूरे प्रकरण की जांच करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर डॉ. सिंह ने कहा है कि धान खरीदी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जांच टीम मौके पर पहुंचकर वस्तुस्थिति की जांच करे तथा यदि किसी भी कर्मचारी या अधिकारी की संलिप्तता पाई जाती है तो उनके विरुद्ध तत्काल कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाए।

This image has an empty alt attribute; its file name is image-13.webp

जानकारी के अनुसार, सहायक आयुक्त विनय शुक्ला के नेतृत्व में सुमित डडसेना (सहकारिता विस्तार अधिकारी) एवं अशोक साहू (सहकारिता निरीक्षक) का संयुक्त जांच दल घटनास्थल पर पहुँच कर खरीदी केंद्र में रखे धान के स्टैक, भंडारण व्यवस्था तथा संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की विस्तृत जांच कर रहा है। साथ ही ग्रामीणों से भी जानकारी लेकर पूरे प्रकरण की तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *