अम्बिकापुर: मांड और मैनी नदी में अवैध उत्खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 22 वाहन जब्त

Report by manisha yadav

अम्बिकापुर , कलेक्टर अजीत वसंत के निर्देशन में खनिज एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा जिले में अवैध उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए मांड एवं मैनी नदी क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की गई। समाचार पत्र में प्रकाशित “मांड व मैनी नदी का सीना छलनी, खुलेआम रेत का अवैध उत्खनन” शीर्षक समाचार पर त्वरित संज्ञान लेते हुए 24 मार्च 2026 को सघन जांच अभियान चलाया गया। अभियान के तहत बतौली एवं सीतापुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम केसला, भिठुआ, राधापुर, मंगरैलगढ़, नवाटोली, काराबेल एवं प्रतापगढ़ में छापेमारी की गई।

इस कार्रवाई में कुल 22 वाहनों को जब्त किया गया, जिसमें रेत के अवैध परिवहन में संलिप्त 14 ट्रैक्टर एवं 01 हाईवा तथा गिट्टी एवं ईंट के अवैध परिवहन में संलिप्त 06 हाईवा एवं 01 टीपर शामिल हैं। जब्त सभी वाहनों को सुरक्षा की दृष्टि से सीतापुर, बतौली एवं रघुनाथपुर थानों की अभिरक्षा में सौंप दिया गया है।

खनिज अधिकारी अनिल कुमार साहू ने बताया कि प्रकरणों में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21(4), 21(5) एवं 23 के अंतर्गत कठोर अर्थदंडात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। इस कार्रवाई में खनिज विभाग से सुरेश सिंह ठाकुर (सुपरवाइजर), पंकज कुमार, मंजीत मांझी, राजेश कुमार, नगर सैनिकों एवं राजस्व विभाग के अमले का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

 केल्हारी की रेत खदान पर उठे सवालों को जांच में मिली क्लीन चिट, वैध पास से हो रहा परिवहन

एमसीबी जिले में खनिज विभाग ने प्राप्त शिकायत को गंभीरता से लेते हुए ग्राम पंचायत बिछियाटोला, तहसील केल्हारी स्थित रेत खदान की विस्तृत जांच कराई। कलेक्टर के निर्देश पर 24 मार्च 2026 को संचालक, भौमिकी तथा खनिकर्म छत्तीसगढ़ से प्राप्त पत्र के आधार पर मौके पर पहुंचकर अधिकारियों ने शाम लगभग 4:50 बजे औचक निरीक्षण किया।
जांच के दौरान खदान क्षेत्र का बारीकी से अवलोकन किया गया, जिसमें यह स्पष्ट रूप से पाया गया कि रेत उत्खनन का कार्य पर्यावरणीय नियमों और निर्धारित शर्तों के अनुरूप किया जा रहा है। खदान से रेत का परिवहन ट्रैक्टर के माध्यम से किया जा रहा था, जिसमें वैध अभिवहन पास का उपयोग किया जा रहा था। इससे यह पुष्टि हुई कि खनन कार्य पूरी तरह वैधानिक प्रक्रिया के तहत संचालित है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने रेत भंडारण स्थल का भी जायजा लिया। मौके पर पाया गया कि खदान से निकाली गई रेत का भंडारण निर्धारित और स्वीकृत स्थल पर किया जा रहा है। संबंधित भंडारण स्थल विधिवत स्वीकृत है तथा उसकी अनुमति अवधि 16 जून 2023 से 15 जून 2026 तक प्रभावी है। इसके साथ ही जल एवं वायु संबंधी पर्यावरणीय स्वीकृति भी 30 जून 2027 तक मान्य है, जो सभी आवश्यक नियमों के पालन को दर्शाता है।

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