Report by manisha yadav
मुंबई. तृणमूल कांग्रेस के बाद अब शिवसेना (उद्धव बालासाहब ठाकरे) सांसद भी जल्द लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात कर सकते हैं। हालांकि, इसे लेकर आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा गया है, लेकिन अटकलें हैं कि कुछ सांसदों ने राजधानी दिल्ली पहुंचकर शिवसेना नेताओं से मुलाकात की है। खास बात है कि कई सांसद उद्धव ठाकरे की बैठक में व्यक्तिगत रूप से नहीं पहुंचे थे।
दिल्ली में क्या हो रहा है
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ठाकरे गुट के कुछ सांसदों ने डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की पार्टी के नेताओं से मीटिंग की है। खबरें हैं कि उद्धव सेना के सांसदों से केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव ने मुलाकात की थी। अब टीवी9 मराठी की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि ये सांसद लोकसभा स्पीकर को जल्दी लेटर देने जा रहे हैं।
संजय राउत दिल्ली रवाना
रिपोर्ट के अनुसार, पार्टी के राज्यसभा सांसद इन घटनाक्रमों के बाद आनन फानन में दिल्ली रवाना हुए हैं। कहा जा रहा है कि पार्टी ने डैमेज कंट्रोल का काम राउत को सौंपा है। राज्यसभा सांसद इससे पहले दावा कर चुके हैं कि पार्टी के सांसद एकजुट हैं और प्रमुख उद्धव सभी के साथ संपर्क में हैं। उन्होंने कहा था कि जो भी छोड़कर जाना चाहते थे, पहले चले गए थे।
उद्धव ठाकरे से क्यों नाराज
रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि कुछ सांसद उद्धव ठाकरे के काम करने के तरीके से नाखुश हैं, जिसके चलते पार्टी छोड़ने का मन बना रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, नाराज सांसदों ने शिकायत की है कि जब वह उद्धव से मिलने जाते हैं, तो 2-4 घंटे इंतजार करना पड़ता है। खास बात है कि 2022 में जब पार्टी के विधायक टूटे थे, तब भी उन्होंने इसी तरह की शिकायतें की थीं।
शिंदे गुट में होंगे शामिल?
शिवसेना (UBT) के सांसदों की नाराजगी की चर्चाएं लंबे समय से चल रहीं हैं। हालांकि, अब तक यह साफ नहीं हो सका है कि ये नेता कब तक अलग होने का मना बना रहे हैं। वहीं, यह भी स्पष्ट नहीं हो सका है कि नाराज सांसद शिंदे गुट में शामिल होंगे या अलग दल का ऐलान करने वाले हैं। फिलहाल, उद्धव सेना में 9 सांसद हैं और कानूनी अड़चनों से बचने के लिए 6 का समर्थन जरूरी है।
आदित्य ठाकरे ने किया है इनकार
आदित्य ने पुणे में पत्रकारों से कहा, ‘अफवाहों पर विश्वास मत कीजिए। मैं और उद्धव ठाकरे यह आश्वस्त करते हैं कि जो लोग हमारे साथ हैं, उन पर हम पूरा भरोसा करते हैं। कुछ लोग ‘अंधभक्त’ होते हैं, जबकि हम ऐसे लोग हैं जो ‘अंधा विश्वास’ में यकीन रखते हैं।’
राउत और आदित्य ठाकरे ने पार्टी सांसदों को तोड़ने के लिए ‘ऑपरेशन टाइगर’ शुरू होने के कयासों को खारिज कर दिया। इससे पहले राज्यसभा सांसद ने कहा था कि उनकी पार्टी विरोधियों को निशाना बनाने के लिए ‘ऑपरेशन वुल्फ’ शुरू करेगी।
