Report by manisha yadav
रायपुर में हरियाली बढ़ाने की बड़ी पहल, पौधों को मिल रहा प्राकृतिक जीवन
रायपुर नगर निगम क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के लिए चल रहे ‘प्रोजेक्ट पुनर्जीवन’ के तहत एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इस अभियान में शहर के सभी 10 जोनों में पौधों के चारों ओर लगे ट्री गार्ड और कंक्रीट के घेरे हटाए जा रहे हैं।
इस पहल का उद्देश्य पौधों को प्राकृतिक वातावरण देना है, ताकि वे बिना किसी बाधा के बेहतर तरीके से विकसित हो सकें।
क्या है ‘प्रोजेक्ट पुनर्जीवन’?
यह परियोजना पौधों को कृत्रिम सुरक्षा ढांचे से हटाकर उन्हें प्राकृतिक रूप से बढ़ने का अवसर देने पर आधारित है।
मुख्य उद्देश्य:
- पौधों को प्राकृतिक विकास का अवसर देना
- वर्षा जल और हवा का बेहतर संचार सुनिश्चित करना
- मिट्टी में पोषक तत्वों का संतुलन बनाए रखना
- शहरी हरियाली को मजबूत करना
अब तक 1000 से अधिक पौधों को मिला नया जीवन
नगर निगम के अनुसार इस अभियान में अब तक:
- सभी 10 जोनों में कार्य जारी
- हर जोन में औसतन 100 से अधिक पौधे शामिल
- कुल 1000+ पौधों से ट्री गार्ड हटाए जा चुके हैं
इससे पौधों को खुला वातावरण मिला है और उनके प्राकृतिक विकास में तेजी आने की उम्मीद है।
कैसे हो रहा है कार्य?
नगर निगम के जोन स्तर पर टीमें बनाकर पौधों की पहचान की जा रही है।
प्रक्रिया:
- कमजोर या विकसित हो चुके पौधों का चयन
- उनके चारों ओर लगे ट्री गार्ड हटाना
- कंक्रीट के घेरे हटाकर मिट्टी को खुला छोड़ना
- पौधों की नियमित निगरानी
अधिकारियों की भूमिका और निर्देश
यह अभियान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन और कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशन में चल रहा है। नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा के नेतृत्व में सभी जोन कमिश्नर इस कार्य को तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं।
नागरिकों से भी अपील
प्रशासन ने शहरवासियों से भी अपील की है कि वे इस अभियान में सहयोग करें:
- पौधों की नियमित सिंचाई करें
- देखभाल और संरक्षण में भागीदारी निभाएं
- हरियाली बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाएं
साथ ही पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने वाले नागरिकों को ‘पर्यावरण मित्र’ के रूप में सम्मानित करने की योजना भी है।
क्यों है यह पहल महत्वपूर्ण?
विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम इसलिए अहम है क्योंकि:
- पौधों को प्राकृतिक रूप से बढ़ने का अवसर मिलता है
- मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार होता है
- शहरी तापमान में कमी आने में मदद मिलती है
- हरियाली और पर्यावरण संतुलन बेहतर होता है
