राजनांदगांव। बच्चों की प्रतिभा, आत्मविश्वास और क्षमताओं को पहचानने तथा समाज में समावेश, समान अवसर और स्वीकार्यता का संदेश देने के उद्देश्य से रैनबोव फिन्गर्स द्वारा द्वारा ‘उड़ान – हर बच्चा अनोखा है’ विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम रविवार, 6 सितंबर को सुबह 11 बजे से पद्मश्री गोविंद राम निर्मलकर ऑडिटोरियम, राजनांदगांव में आयोजित होगा। ‘उड़ान’ विशेष रूप से न्यूरोडायवर्जेंट बच्चों को ध्यान में रखकर आयोजित किया जा रहा है।
इसमें ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर, डाउन सिंड्रोम, स्पेसिफिक लर्निंग डिसेबिलिटी, सेरेब्रल पाल्सी एवं अन्य न्यूरोडेवलपमेंटल कंडीशंस वाले बच्चे सहभागी बन सकते हैं। इस पहल का उद्देश्य बच्चों को उनकी चुनौतियों से नहीं, बल्कि उनकी प्रतिभा, क्षमताओं और विशिष्ट पहचान के साथ देखने की सोच को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, आत्मविश्वास बढ़ाने और सामाजिक सहभागिता का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम में बच्चों के लिए क्रिएटिव आर्ट एवं कलरिंग एक्टिविटी, टैलेंट शोकेस, गायन, नृत्य, संगीत, कविता एवं मनोरंजक गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। प्रत्येक बच्चे की सहभागिता और प्रयास को प्रोत्साहित करने के लिए गिफ्ट हैम्पर एवं सहभागिता प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे। साथ ही, अभिभावकों के लिए विशेषज्ञों के साथ संवाद एवं मार्गदर्शन का अवसर भी रहेगा।
कार्यक्रम में बच्चों और अभिभावकों को विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम से जुड़े विशेषज्ञों में डॉ. सौरभ मोहबे, डॉ. अनिमेष गांधी, श्रीमती रजनी राठी, स्पीच थेरेपी विशेषज्ञ एवं विशेष शिक्षिका; मोहम्मद सरताज, डायरेक्टर, ग्रोइंग माइंड्स चाइल्ड डेवलपमेंट सेंटर; डॉ. श्रीदेवी गोडीशाला, डायरेक्टर, ब्रेन शार्पनर एवं क्लिनिकल साइकोलॉजी विशेषज्ञ; तथा डॉ. पूजा सरवान, फिजियोथेरेपिस्ट एवं ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट शामिल हैं।
रैनबोव फिन्गर्स की संस्थापक श्रद्धा वर्मा का कहना है कि हर बच्चा अपनी तरह से विशेष है और उसकी क्षमता को उसकी चुनौतियों के आधार पर सीमित नहीं किया जाना चाहिए। सही अवसर, प्रोत्साहन और सहयोग मिलने पर प्रत्येक बच्चा अपनी अलग पहचान बना सकता है। ‘उड़ान’ इसी सोच को आगे बढ़ाने की एक पहल है, जिसका उद्देश्य न्यूरोडायवर्जेंट बच्चों के प्रति समाज में जागरूकता, स्वीकार्यता और समावेश को बढ़ावा देना तथा उन्हें अपनी प्रतिभा और क्षमताओं को अभिव्यक्त करने के लिए एक सम्मानजनक मंच प्रदान करना है।
