सेवा संकल्प अभियान : टीबी उन्मूलन कार्यक्रम : विजय को मिली टीबी से मुक्ति

Report by manisha yadav

सतत जांच, उपचार और विभागीय परामर्श से हुए पूरी तरह स्वस्थ

रायपुर, स्वास्थ्य मनुष्य के जीवन का एक अनमोल पुंजी है। इसे सुरक्षित रखना एक कठिन चुनौती भी है, लेकिन सतत जांच, उपचार और सही समय पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा मिले परामर्श से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। महासमुंद जिले में टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत एक बेहतर कार्य हो रहा है। गौरतलब है कि इस अभियान के तहत जिले के 551 ग्राम पंचायतों में से 305 ग्राम पंचायत टीबी मुक्त हो गया है। जिले में टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के माध्यम से टीबी रोगियों को समय पर जांच, नियमित उपचार और आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है। कई लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से मिलकर अपने रोग को पूर्णतः ठीक किया है। इसी क्रम में महासमुंद शहर के वार्ड क्रमांक 25 निवासी श्री विजय साहू के जीवन में भी बदलाव देखने को मिला है। नियमित उपचार और स्वास्थ्य विभाग की समझाईश से विजय ने टीबी बीमारी को मात दी।
विजय बताते हैं कि करीब एक वर्ष तक उन्हें लगातार थकावट रहती थी और किसी भी काम को करने में मन नहीं लगता था। लगातार खांसी आने के साथ शाम के समय हल्का बुखार भी रहता था। उन्होंने निजी चिकित्सकों से उपचार कराया, लेकिन पूरी तरह स्वास्थ्य लाभ नहीं मिल पाया। इस दौरान वे तंबाकूयुक्त गुटका और शराब का सेवन भी करते थे, जिससे उनकी स्वास्थ्य संबंधी परेशानी और बढ़ रही थी।
इसी बीच वार्ड की मितानिन श्रीमती रेखा साहू ने विजय को जिला क्षय केंद्र, महासमुंद में जांच कराने की सलाह दी। विजय ने जिला क्षय केंद्र पहुंचकर अपने थूक की जांच कराई, जिसमें टीबी बीमारी की पुष्टि हुई। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने 13 फरवरी 2025 से लगातार छह माह तक नियमित रूप से टीबी की दवाइयां लीं। उपचार के साथ उन्होंने पौष्टिक भोजन का सेवन किया। चिकित्सक एवं मितानिन द्वारा नशे से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में समझाइश दिए जाने पर विजय ने तंबाकू युक्त गुटका और शराब का सेवन पूरी तरह बंद करने का निर्णय लिया।
उपचार के दौरान स्वास्थ्य विभाग की नर्स द्वारा समय-समय पर विजय के स्वास्थ्य की जानकारी ली जाती रही और नियमित दवा सेवन के लिए उनका मार्गदर्शन किया गया। टीबी उपचार के दौरान उन्हें पोषण सहायता के रूप में उनके बैंक खाते में दो चरणों में कुल 6 हजार रुपए की राशि प्राप्त हुई, जिसका उपयोग उन्होंने पौष्टिक भोजन एवं आवश्यक खाद्य सामग्री लेने में किया। लगातार उपचार और स्वास्थ्य विभाग की सलाह का पालन करने के बाद विजय ने जिला क्षय केंद्र में दोबारा थूक की जांच कराई। 29 मई 2026 को जांच के उपरांत उन्हें टीबी बीमारी से पूर्णतः स्वस्थ होने की जानकारी दी गई। आज विजय पूरी तरह स्वस्थ हैं और नियमित रूप से अपना काम कर रहे हैं। उन्होंने नशे का सेवन भी पूरी तरह छोड़ दिया है।
विजय कहते हैं कि समय पर जांच और नियमित उपचार से वे टीबी जैसी गंभीर बीमारी से पूरी तरह स्वस्थ हो सके। वे अपने साथियों और अन्य लोगों को भी तंबाकू युक्त गुटका, शराब अथवा किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहने तथा स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर निजी उपचार के बजाय नजदीकी शासकीय स्वास्थ्य केंद्र में जांच एवं उपचार कराने की सलाह देते हैं।

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