रायपुर। छत्तीसगढ़ गौसुल आज़म कमेटी बैजनाथपारा द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार 23 सितम्बर को जुलूसे गौसिया विशाल पैमाने पर महबूबिया चौक बैजनाथपारा से शाम 7 बजे प्रारंभ हुआ, जो शहर के विभिन्न मार्गों एवं दरगाहों से होता हुआ सीरत मैदान बैजनाथपारा पहुँचा। जहाँ हजरत सैयद मोहम्मद अशरफ अशरफीउल जिलानी साहब किछौछा शरीफ ने परचम कुशाई की रस्म अदा की और हजरत मुफ्ती मौलाना एहतेशाम अली फारुकी साहब ने गौस पाक की जीवनी पर प्रकाश डाला। जुलूस-ए-गौसिया में लगभग हर मोहल्ले के जिम्मेदार व आम लोगों ने भारी तादाद में शिरकत की। अनेक स्थानों पर जुलूस का भव्य स्वागत किया गया।
इस अवसर पर गौसुल आज़म अवार्ड (ग्यारह हजार रु.) हजरत मौलाना मो. मुजम्मिल आलम साहब इमाम सुभाष नगर मस्जिद को दिया गया।
इस अवसर पर मोफक्किरे इस्लाम अवार्ड शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य हेतु शेख अब्दुल कादिर साहब को पुरस्कार दिया गया एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य हेतु डॉ. यूसुफ मेमन साहब को पुरस्कार दिया गया।
निबंध प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार अयान खान, नूरानी हाई सेकेंडरी स्कूल को दिया गया। द्वितीय पुरस्कार सना परवीन, गरीब नवाज स्कूल को दिया गया एवं तृतीय पुरस्कार हुमैरा फातमा को दिया गया।
बेहतरीन जुलूस का प्रथम पुरस्कार संजय नगर आर डी ए परिवार को दिया गया। द्वितीय पुरस्कार अंजुमन ग्रुप फाफाडीह को दिया गया एवं तृतीय पुरस्कार दावते इस्लामी को दिया गया।
जुलूस में विशेष रूप से हाजी अय्यूब पारेख, डॉ. मुजाहिद अली फारुकी, मौलाना मंसूर आलम, मो. फुरकान, हाजी परवेज अख्तर, नदीम मेमन, इकबाल शरीफ, बदरुद्दीन खोखर, डॉ. अतिकुर रहमान, कारी इमरान अशरफी, मखमूर इकबाल, एजाज ढेबर हसरत खान, हाजी एजाज (अज्जू), मौलाना अब्दुल रज्जाक अशरफी, मौलाना जहीरूद्दीन ,शकील चौहान, नासिर भाई, कादिर भाई, मोईन भाई, रमीज अशरफ, फैजान कुरैशी, शोबी भाई आदि ने जुलूस के संचालन में विशेष भूमिका निभाई।
