आशुतोष रांका और उनकी टीम को गुवाहाटी में हिरासत में लिया गया है। इस पर कॉकरोच पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके भड़क गए। उन्होंने हिमंत बिस्वा सरमा को चैलेंज तक दे डाला कि वह उन सबको गिरफ्तार करें।

अभिजीत दीपके ने चुनौती दी है कि हिमंत उन सबको गिरफ्तार करें
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) फाउंडर अभिजीत दीपके ने आशुतोष रांका को असम में हिरासत में लिए जाने पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर निशाना साधा है। उन्होंने चैलेंज दिया है कि हिमंत उन सबको गिरफ्तार करें। अगर आशुतोष को छोड़ा नहीं गया तो सभी सीजेपी सदस्य असम जाएंगे। दरअसल, आशुतोष रांका और उनकी टीम को गुवाहाटी में हिरासत में लिया गया है। रांका ने कहा, “हिमंत बिस्वा सरमा डरे हुए हैं कि अगर हम असम के स्कूलों की असलियत दिखाएंगे, तो देश को उनकी हालत के बारे में पता चल जाएगा। हिमंत बिस्वा सरमा इसलिए डरे हुए हैं क्योंकि काजीरंगा में हमारे लोगों के अधिकार छीने जा रहे हैं और कैसे जमीन, जंगल और पानी छीनकर कॉर्पोरेट्स को दिए जा रहे हैं।”
अगर आशु को रिहा नहीं किया गया तो…
दीपके ने इस पर हिमंत पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ”आशु को असम पुलिस ने एक प्राइवेट घर से उठाया था। उन्हें अभी तक यह नहीं बताया गया है कि उसे किन आरोपों या किस आधार पर हिरासत में लिया गया है। अगर आशु को रिहा नहीं किया गया, तो मैं CJP के दूसरे सदस्यों के साथ असम जाऊंगा। हिमंत हम सबको गिरफ्तार कर सकते हैं।” इससे पहले, दीपके ने कहा था कि रांका और उनके कई सपोर्टर्स को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है और एक छोटी वॉलंटियर्स मीट-अप से पहले एक अनजान जगह पर ले जाया गया है।
एक दिन पहले गुवाहाटी पहुंचे रांका का दिन में कुछ सीजेपी सपोर्टर्स से मिलने का प्लान था। दीपके ने दावा किया कि संगठन के नेताओं को मीटिंग करने से रोका गया। वहीं, हिमंत पर हमला करते हुए रांका ने एक पोस्ट में कहा कि हिमंत मामा डर गए है कि ज्ञानेश की आड़ में कहीं असम चुनाव में हुई धांधली ना पता पड़ जाए। किस तरह से विधानसभा की बाउंड्री बनाई गई, जिससे एक गांव के लोग तीन अलग अलग विधानसभा में बाट दिए गए। किस तरह से एसआईआर के नाम पर असम के नागरिकों को वोटर लिस्ट से हटाया गया।
रांका ने एक्स पर वीडियो शेयर कर बोला हमला
रांका के एक्स अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया गया था, जिसमें वह पुलिस के साथ चलती गाड़ी में बैठे दिख रहे थे और कथित तौर पर यह कहते हुए सुने जा रहे थे कि सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने उन्हें और सीजेपी वॉलंटियर्स को हिरासत में लिया है क्योंकि वह असम के लोगों से डर गए थे क्योंकि यह संगठन यहां के स्कूलों की असलियत को सामने लाना चाहता है। पुलिस द्वारा ले जाए जाने के दौरान रिपोर्टर्स से बात करते हुए, रांका ने कहा कि यह कार्रवाई दिखाती है कि सीएम सरमा अपनी असलियत सामने आने से डर गए थे।
रांका ने आगे कहा, “उन्हें डर है कि अगर हम यहां के स्कूल दिखाएंगे, तो देश को असलियत पता चल जाएगी। उन्हें डर है कि लोगों को पता चल जाएगा कि काजीरंगा में कॉर्पोरेट्स के फायदे के लिए उनके अधिकार कैसे छीने जा रहे थे। लेकिन हम उनसे नहीं डरते। हम जानते हैं कि उन्होंने चुनाव क्षेत्रों की सीमाएं फिर से बनाकर विधानसभा चुनाव जीता था।”
