
,बिलासपुर: मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय में प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारियों में फेरबदल किया गया है। कार्यालय में चार साल से अधिक समय से एक ही टेबल पर काम कर रहे पांच लिपिकों की टेबल बदल दी गई है।इसके साथ ही टीबी रोग विभाग, आयुष्मान योजना, नर्सिंग होम एक्ट और स्थापना शाखा सहित विभिन्न विभागों में भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। विभागीय स्तर पर किए गए इस बदलाव को सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया बताया गया है। टीबी रोग विभाग में एचओडी की जिम्मेदारी संभाल रहीं डा़ गायत्री बांधी के जेडी बनने के बाद विभाग में प्रभार बदला गया।
उनके बाद डा़ रक्षित जोगी को टीबी रोग विभाग का अधिकारी बनाया गया था। बाद में उनका प्रमोशन हो गया और उन्हें मेटल अस्पताल, सेंदरी का अधीक्षक बनाया गया। डा़ जोगी के जाने के बाद अब टीबी रोग विभाग की जिम्मेदारी फिरोज खान को सौंपी गई है।
आयुष्मान योजना और नर्सिंग होम एक्ट में नई जिम्मेदारी
विभागीय फेरबदल के तहत आयुष्मान योजना की जिम्मेदारी डा़ अनिल श्रीवास्तव को दी गई है। वहीं नर्सिंग होम एक्ट से जुड़े कामकाज के लिए डा़ पंकज साहू, डा़ बीके वैष्णव, डा़ सौरभ शर्मा और डा़ अनिल शर्मा को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा नर्सिंग होम एक्ट के कार्यों में संजय मिश्रा को जिम्मेदारी दी गई है। स्थापना शाखा में रेशमा एक्का, आरटीआइ प्रथम अपील से संबंधित कार्य ध्रुव देवांगन को दिया गया है। वहीं स्थापना शाखा के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी मौली जैकब को सौंपी गई है। सीएमएचओ कार्यालय की स्थापना शाखा में धीरज मिश्रा को भी जिम्मेदारी दी गई है।
लंबे समय से एक ही टेबल पर डटे थे
सीएमएचओ कार्यालय में लंबे समय से एक ही टेबल पर काम कर रहे कर्मचारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। चार साल से अधिक समय से एक ही टेबल पर जमे पांच लिपिकों की टेबल बदलने से कार्यालयीन कामकाज में नई व्यवस्था लागू होगी। विभागीय स्तर पर अलग-अलग शाखाओं में जिम्मेदारियां बदलने का उद्देश्य कामकाज को व्यवस्थित करना और प्रशासनिक प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखना है। सीएमएचओ डा़ शुभा गरेवाल ने कहा कि कार्यालय में टेबल बदलना सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है।[rashi mandal]
