Report by manisha yadav
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित बीटीआई ग्राउंड में प्रस्तावित व्यावसायिक और आवासीय निर्माण को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा है कि बीटीआई ग्राउंड में किसी भी प्रकार का व्यावसायिक या आवासीय परिसर नहीं बनाया जाएगा। प्रस्तावित निर्माण ग्राउंड में नहीं, बल्कि उसके आसपास स्थित सरकारी कर्मचारियों के पुराने और जर्जर मकानों की जगह किया जाना है। विधायक के इस बयान के बाद मैदान के भविष्य और प्रस्तावित निर्माण को लेकर चल रही बहस में नया मोड़ आ गया है।
विधायक पुरंदर मिश्रा के मुताबिक, शंकर नगर स्थित बीटीआई ग्राउंड को लेकर जो चर्चाएं चल रही हैं, उनमें मैदान और उससे लगे सरकारी आवासों के बीच अंतर समझना जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यावसायिक और आवासीय परिसर बनाने की योजना मैदान के भीतर नहीं है। इसके बजाय आसपास स्थित सरकारी कर्मचारियों के जर्जर आवासों के स्थान पर नए परिसर विकसित करने का प्रस्ताव है। विधायक ने कहा कि बीटीआई ग्राउंड को प्रस्तावित निर्माण स्थल बताना सही नहीं है।
शंकर नगर क्षेत्र में बीटीआई ग्राउंड से लगे सरकारी कर्मचारियों के पुराने आवास मौजूद हैं। विधायक के अनुसार, इन्हीं जर्जर मकानों की जगह परिसर बनाने की योजना प्रस्तावित है। यह योजना पुराने सरकारी आवासों की भूमि के पुनर्विकास से जुड़ी बताई जा रही है। हालांकि, प्रस्तावित परियोजना के निर्माण क्षेत्र, लागत, भवनों की संख्या और कार्य प्रारंभ होने की तारीख को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। इस संबंध में आधिकारिक नक्शे और निर्माण योजना से भूमि की वास्तविक सीमाएं स्पष्ट हो सकेंगी।
बीटीआई ग्राउंड में व्यावसायिक और आवासीय परियोजना की खबरें सामने आने के बाद राजनीतिक स्तर पर भी विरोध शुरू हो गया था। 21 अक्टूबर को प्रदेश कांग्रेस ने प्रस्तावित निर्माण को लेकर आपत्ति जताई थी। कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने मैदान को सार्वजनिक उपयोग के लिए सुरक्षित रखने की मांग की थी। कांग्रेस का कहना था कि राजधानी में खुले मैदानों की पहले से कमी है। ऐसे में खेलकूद और सामाजिक गतिविधियों के लिए उपलब्ध मैदानों का संरक्षण जरूरी है।
शंकर नगर स्थित बीटीआई ग्राउंड आसपास के नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थान है। यहां सुबह-शाम लोग टहलने आते हैं। इसके अलावा खेलकूद, सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी होता है। हाल ही में ग्राउंड में प्रकाश व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नए हाईमास्ट लाइट लगाए गए थे। इस दौरान विधायक पुरंदर मिश्रा ने भी मैदान को खेल गतिविधियों के लिए सुरक्षित रखने की बात कही थी।
विधायक पुरंदर मिश्रा ने मैदान में निर्माण और उससे लगे सरकारी आवासों के पुनर्विकास को अलग-अलग विषय बताया है। उनके बयान के मुताबिक, प्रस्तावित व्यावसायिक और आवासीय परिसर का निर्माण बीटीआई ग्राउंड की जमीन पर नहीं किया जाएगा। हालांकि, परियोजना की अंतिम सीमाएं और भूमि उपयोग संबंधी स्थिति संबंधित विभाग के स्वीकृत दस्तावेजों से ही पुष्ट होगी। फिलहाल विधायक के स्पष्टीकरण के बाद अब निर्माण की आधिकारिक योजना पर लोगों की नजर बनी हुई है।
