दिव्यांग श्री महेश राम टंडन का आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम

महासमुंद,जिले के विकासखण्ड पिथौरा अंतर्गग्राम पंडरीखार निवासी श्री महेश राम टंडन 45 वर्ष की आयु में 80 प्रतिशत अस्थि बाधित दिव्यांग हैं। दिव्यांगता के कारण उन्हें कहीं भी नियमित काम नहीं मिल पा रहा था, जिससे परिवार के भरण-पोषण में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। सीमित साधनों और आवागमन की समस्या के कारण उनकी आजीविका के विकल्प भी बहुत कम थे।

श्री महेश राम टंडने बताते है कि ऐसे समय में समाज कल्याण विभाग द्वारा उन्हें मोटराईज्ड ट्रायसायकल प्रदान की गई। यह साधन उनके जीवन में बदलाव का माध्यम बना। मोटराईज्ड ट्रायसायकल मिलने के बाद उनके लिए आने-जाने की समस्या काफी हद तक समाप्त हो गई। अब वे आसानी से बाजार जाकर किराना सामान ला सकते हैं और अपने घर पर ही छोटी दुकान के रूप में बिक्री करने लगे हैं। इससे उनकी आमदनी में निरंतर वृद्धि हुई है। नियमित आय होने से न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई, बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ा है। आज श्री महेश राम टंडन अपने परिवार का भरण-पोषण सम्मानपूर्वक कर रहे हैं और आत्मनिर्भर नागरिक के रूप में पहचान बना चुके हैं। इस सहायता ने उन्हें नई दिशा दी है और आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ाया है। इसके लिए उन्होंने राज्य शासन एवं जिला प्रशासन तथा समाज कल्याण विभाग का धन्यवाद ज्ञापित किया है।

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