अब मुगल नहीं, रामराज का है दौर, वंदे मातरम पर सलीम राज का कांग्रेस पर तीखा हमला

रायपुर: केंद्र सरकार के एक फैसले ने देश की राजनीति में नया उबाल ला दिया है। राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर जारी नए दिशानिर्देशों के बाद सियासी बयानबाज़ी तेज हो गई है. छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज ने इस मुद्दे पर कांग्रेस पर सीधा और तीखा हमला बोलते हुए इसे तुष्टिकरण की राजनीति के अंत का संकेत बताया है.

वंदे मातरम पर नई गाइडलाइन

अब वंदे मातरम को 65 सेकंड की बजाय पूरे 3 मिनट 10 सेकंड तक गाया जाएगा और इसके दौरान खड़ा होना अनिवार्य होगा. इस फैसले पर छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए इसे तुष्टिकरण की राजनीति के अंत का प्रतीक बताया है.

“तुष्टिकरण की राजनीति का अध्याय समाप्त”

सलीम राज ने कहा कि कांग्रेस ने वर्षों तक वोट बैंक की राजनीति के चलते राष्ट्रगीत जैसे मुद्दों को हाशिये पर रखा. उनके मुताबिक वंदे मातरम को जानबूझकर सीमित रखा गया, लेकिन अब देश की सोच बदल चुकी है और राष्ट्रहित सर्वोपरि हो गया है.

न अकबर, न बाबर,अब रामराज का शासन-सलीम राज

अपने बयान में सलीम राज ने कांग्रेस की वैचारिक राजनीति पर सीधा हमला करते हुए कहा कि देश अब गुलामी और तुष्टिकरण के दौर से बाहर निकल चुका है. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब न कोई मुगल शासन है, न अकबर, न बाबर है. यह रामराज का दौर है, जहां राष्ट्र और उसकी पहचान सबसे ऊपर है.

“मोदी सरकार में राष्ट्रगौरव को प्राथमिकता”

सलीम राज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की सराहना करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने राष्ट्रगौरव और राष्ट्रीय प्रतीकों को सम्मान दिलाने का काम किया है. उन्होंने कहा कि वंदे मातरम को उसका पूरा सम्मान और विस्तार मिलना मोदी सरकार की राष्ट्रवादी सोच को दर्शाता है.

“वंदे मातरम सिर्फ गीत नहीं, राष्ट्र की आत्मा”

उन्होंने कहा कि वंदे मातरम केवल एक गीत नहीं बल्कि देश की आत्मा, एकता और आत्मसम्मान का प्रतीक है। यह गीत लोगों में ऊर्जा, देशभक्ति और अनुशासन की भावना पैदा करता है, इसलिए इसे पूरे सम्मान और गरिमा के साथ गाया जाना चाहिए.

“केंद्र सरकार का फैसला स्वागतयोग्य”

सलीम राज ने केंद्र सरकार के इस निर्णय को पूरी तरह सही और स्वागतयोग्य बताया. उन्होंने कहा कि राष्ट्रगीत को पूरी अवधि में गाने और स्पष्ट प्रोटोकॉल तय करने से देशभर में एकरूपता और सम्मान की भावना मजबूत होगी.

क्या है केंद्र सरकार का नया आदेश ?

गृह मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब राष्ट्रगीत वंदे मातरम के सभी छह अंतरे गाए जाएंगे, जिनकी कुल अवधि 3 मिनट 10 सेकंड होगी. इसके दौरान सभी को सावधान मुद्रा में खड़ा रहना अनिवार्य होगा. यदि किसी कार्यक्रम में वंदे मातरम और राष्ट्रगान जन गण मन दोनों बजाए जाते हैं, तो पहले वंदे मातरम गाया जाएगा.

स्कूलों से लेकर सरकारी कार्यक्रमों तक लागू होंगे नियम

नए दिशानिर्देशों के तहत सभी स्कूलों में दिन की शुरुआत राष्ट्रगीत वंदे मातरम के साथ होगी. यह आदेश 28 जनवरी को जारी किया गया था, जिसकी जानकारी 11 फरवरी को सामने आई है. खास बात यह है कि वंदे मातरम के गायन को लेकर यह पहला मौका है जब केंद्र सरकार ने इतने विस्तृत और स्पष्ट नियम जारी किए हैं.

150 साल पूरे होने पर लिया गया ऐतिहासिक फैसला

केंद्र सरकार इस समय वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में देशभर में विशेष कार्यक्रम आयोजित कर रही है. इसी क्रम में राष्ट्रगीत के सम्मान और गरिमा को लेकर यह विस्तृत प्रोटोकॉल लागू किया गया है, जिसे सियासी हलकों में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है.

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