Report by manisha yadav
रायपुर । राजधानी और आसपास के बाजार में नकली सामानो का भरमार है , नकली सामान ऐसे बनाये जा रहे हैं की असली भी धोखा खा जाये। ब्रांडेड कंपनियों के नाम से नकली वस्तुओं के उत्पादन और बिक्री करने वालों के खिलाफ पुलिस अब स त हो गई है। रायपुर में नकली दवाइयां, नकली पनीर, नकली खोआ, क्रीम व चायपत्ती, साबुन, ड्रायफ्रूट,कपडे और इलेक्ट्रानिक, इलेक्ट्रिक का जखीरा मिलने के बाद यह साबित हो गया कि छत्तीसगढ़ में नकली दवाइयां, नकली खाद्य सामग्री, कास्मेटिक से लेकर सारा घरेलू सामान आसानी से खपाया जा रहा है। करोड़ों-अरबों का कारोबार रायपुर समेत प्रदेश भर में ब्रॉडेड कंपनी के नाम पर नकली सामान खपाने का कारोबार तेजी से फल-फूल रहा है। प्रदेश में नकली सामानों का बाजार हर जगह सजा हुआ है। राजधानी के बाजार में जीवन रक्षक दवाइयाँ, ड्रायफ्रूट से लेकर कास्मेटिक-कपड़े तक नकली मिल रहा है जिससे शासन को करोडो का चूना लग रहा है। नकली माल बिकने से छत्तीसगढ़ में करोड़ो की जीएसटी चोरी की जा रही है। राजधानी में बड़ी कंपनियों के नकली माल दिल्ली से लाकर खुले आम बेच रहे हैं। नकली कॉस्मेटिक से कैंसर और स्किन की सभी गंभीर बिमारियों को बढ़ रहा खतरा, जान लेवा साबित हो रहीं है। जनता से रिश्ता पिछले कई अंको में इसके बारे में खबर प्रकाशित कर शासन प्रशासन और आम जनता को आगाह कर रहा है। धड़ल्ले से हो रही नकली उत्पाद की सप्लाई के बारे में जनता से रिश्ता ने पिछले कई अंक में समाचार प्रकाशित किया था। राजधानी में आसपास के छोटे शहरों और कस्बों में निर्मित बड़े ब्रांड के नकली उत्पाद, नकली दवाइयां धड़ल्ले से सप्लाई हो रहे है। तिल्दा-नेवरा, भाटापारा, दुर्ग, भिलाई, चकरभाटा सहित राजधानी के आसपास नकली सामान बनाये जा रहे हैं। नकली काजू, बादाम के अलावा दवाइयां और अन्य खाने-पीने की वस्तुयें भी नकली तैयार की जा रही है। फूड एंड ड्रग से टी विभाग द्वारा भी नियमित चेकिंग नहीं की जा रही है जिसके चलते मार्केट नकली उत्पाद से अटा पड़ा है। शिकायत करने पर स बंधित जगह पर छापेमारी की जाती है, लेकिन वह भी औपचारिकता निभाने के रूप में होती है। जबकि नियमित रूप से चेकिंग करना फूट एंड ड्रग से टी विभाग की जि मेदारी का हिस्सा है। पुलिस विभाग में भी नकली सामानों की जांच करने के लिए अलग से विंग नहीं है, जो नकली माल की जांच करे। आम लोगों के साथ ब्रांडेड कंपनियों के प्रतिनिधियों द्वारा की गई शिकायत के आधार पर जांच के नाम पर खानापूर्ति हो रही हैं। क्योंकि पुलिस अपना मूल काम कानून व्यवस्था पर ध्यान रखे या इन नकली सामान बेचने वालों की खबर ले। देखा ये भी जा रहा है कि नकली उत्पाद की फैक्ट्रियां छुटभैये नेताओं की होती है या ये फैक्ट्री वाले इन छुटभैये नेताओं से नज़दीकी बना कर रखते हैं ताकि समय पर ये इन अवैध गतिविधियों को संचालित करने में इनकी मदद करें।अब वो ब्रांडेड उत्पाद के मिलते जुलते नाम के नकली उत्पाद बनाने वाली कंपनी से सांठगांठ कर सरकार की आंखों में धूल झोंककर करोड़़ों की कमाई कर जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे है। नकली उत्पाद को खपाने में पाकिस्तानियों और बांग्लादेशी तस्कर व्यापारियों का हाथ होना बताया जा रहा है। आसपास ब्रांडेड कंपनियों के नकली उत्पाद की फैक्ट्रियां चल रही धड़ल्ले से, स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़, ग्राहकों को सीधा जहर दे रहे हैं। काजू-बादाम, दवाइयां, इलेक्ट्रानिक्स और अन्य खाने-पीने की नकली वस्तुओं के जद में शहरी और ग्रामीण बाजार फूड एंड ड्रग सेप्टी विभाग को राजनीतिक रसूखदारों और छुटभैया नेताओं के संरक्षण के चलते यह कारोबार फल फूल रहा है। नामीकंपनियों के प्रतिनिधियों की शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं, नकली उत्पाद ने ले लिया कुटीर और गृह उद्योग की तरह चल रहा है जिस पर किसी का नियंत्रण नहीं है। चकरभाटा, भाटापारा तिल्दा अन्य जगह भंडारण का मु य केंद्र राजधानी सहित समूचे छत्तीसगढ़ में ब्रांडेड कंपनियों के नकली उत्पाद धड़ल्ले से बिक रहे हैं। न सिर्फ नकली प्रोडक्ट बिक रहे बल्कि इन नकली उत्पादों का निर्माण व पैकेजिंग भी छत्तीसगढ़ विभिन्न शहरों में ही हो रहा है। राज्य के खाद्य एवं औषधि व उपभोक्ता संरक्षण विभाग की उदासीनता से खाद्य पदार्थों से लेकर ब्रांडेड कंपनियों के इलेक्ट्रानिक्स, फैब्रिक्स, कास्मेटिक वस्तुओं के नकली उत्पाद राज्य में आसानी बेचे व बनाए जा रहे हैं। भाटापारा-बिलासपुर नकली उत्पाद का मु य केंद्र राज्य के रायपुर, तिल्दा, भाटापारा, चकरभाठा, भिलाई-दुर्ग, रायगढ़, चांपा, धमतरी, बिलासपुर में नकली उत्पाद बनाने के कुटीर उद्योग चल रहे हैं। कई फैक्ट्रियां भी हैं जहां ब्रांडेड कंपनियों के हूबहू प्रोडक्ट तैयार और पैकेजिंग किए जाते हैं।
दाल मिल पर छापा, 316 बोरी उड़द जब्त, रंग मिलाकर बेचने का संदेह
बलौदाबाजार जिले में मिलावट के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत मंगलवार को खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की। टीम ने भाटापारा स्थित एक दाल मिल पर छापा मारकर 316 बोरी उड़द दाल और संदिग्ध रंग जब्त किया है। जब्त माल की अनुमानित कीमत करीब 8 लाख रुपए बताई जा रही है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी संध्या महिलांग के नेतृत्व में टीम ने भाटापारा के सुहेला रोड स्थित खोखली में संचालित अन्नपूर्णा ट्रेडर्स (दाल मिल) का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मिल परिसर में रखे कुछ ड्रमों में काला रंग मिला। प्रारंभिक जांच में आशंका है कि उड़द दाल को गहरा और चमकदार दिखाने के लिए इस रंग का इस्तेमाल किया जा रहा था, ताकि ग्राहकों को दाल अधिक आकर्षक लगे। मिलावट की आशंका के बाद खाद्य विभाग ने मौके पर मौजूद 316 बोरी उड़द दाल और संदिग्ध रंग जब्त कर लिया। टीम ने उड़द दाल के नमूने लेकर जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला रायपुर भेज दिए हैं।
रिपोर्ट आने के बाद होगी कानूनी कार्रवाई : अधिकारियों ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि दाल में कौन-कौन से रासायनिक रंग या मिलावटी पदार्थ मिलाए गए थे। यदि रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यापारी पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और मामला न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।
उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर की गई कार्रवाई : खाद्य विभाग ने बताया कि यह कार्रवाई उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए की गई है। दालों में रंग मिलाकर उनकी गुणवत्ता से खिलवाड़ करना आम बात हो गई है, जिससे आम लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है।
अभियान लगातार जारी रहेगा : खाद्य सुरक्षा अधिकारी संध्या महिलांग ने बताया कि इस तरह की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी, ताकि बाजार में शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा सके।
पुलिस का भी मिला सहयोग
इस कार्रवाई के दौरान भाटापारा पुलिस का भी सहयोग मिला, जिससे मौके पर कानून व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिली।
