Report by manisha yadav
रायपुर। प्रदेश में आए चक्रवात ‘अर्नब’ और इसके चलते हुए बेमौसम बारिश व आंधी-तूफान ने राज्य के कई क्षेत्रों में फसलों को भारी नुकसान पहुँचाया है। खेतों में खड़ी और पकी फसलों के तबाह होने से राज्य के किसान संकट की स्थिति में हैं। इस प्राकृतिक आपदा के बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बेहद संवेदनशीलता दिखाते हुए प्रदेश के अन्नदाताओं के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा है कि इस संकट की घड़ी में राज्य सरकार अपने किसान भाइयों के साथ मजबूती से खड़ी है और उन्हें किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
फसलों को हुए नुकसान का सही आकलन करने और प्रभावितों तक समय पर राहत पहुँचाने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रशासनिक अमले को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है। उन्होंने प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीमें बनाकर तत्काल प्रभावित खेतों का दौरा करें। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि क्षति का पारदर्शी और त्वरित सर्वेक्षण (Crop Damage Survey) कराया जाए, ताकि कोई भी पात्र किसान सरकारी सहायता से वंचित न रहने पाए। गिरदावरी और ग्राउंड रिपोर्ट तैयार कर जल्द से जल्द नुकसान का ब्यौरा शासन को भेजने के लिए कहा गया है।
किसानों को आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री ने राजस्व पुस्तक परिपत्र (RBC 6-4) के प्रावधानों के तहत सहायता राशि जारी करने के आदेश दिए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित मापदंडों के आधार पर बिना किसी देरी के प्रभावित किसानों को मुआवजा राशि सीधे हस्तांतरित की जाएगी। RBC 6-4 के तहत मिलने वाली राहत राशि किसानों को फसल हानि के कारण लगे वित्तीय झटके से उबारने में मददगार साबित होगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि फाइलों की कागजी प्रक्रिया में समय बर्बाद न हो और सहायता राशि जल्द से जल्द पीड़ित किसानों के खातों में पहुंचे।
प्राकृतिक आपदा से उपजे हालातों पर दुख व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा: “चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण हुए फसल नुकसान से हमारे अन्नदाता भाइयों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए हमारी सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। प्राकृतिक आपदा की इस घड़ी में हम हर प्रभावित किसान के साथ मजबूती से खड़े हैं। हमारे अन्नदाताओं की मेहनत और उनके हितों की रक्षा के लिए हमारी सरकार सदैव प्रतिबद्ध है।”
अचानक आई इस प्राकृतिक आपदा के बाद खेतों में हुआ नुकसान देखकर किसान बेहद चिंतित थे। हालांकि, मुख्यमंत्री के इस त्वरित फैसले और आरबीसी 6-4 के तहत तत्काल राहत देने के निर्देशों के बाद प्रदेश के अन्नदाताओं को एक बड़ी राहत मिली है। राज्य सरकार के इस कदम की सराहना की जा रही है, जिससे उम्मीद बंधी है कि प्रशासनिक सर्वे के बाद जल्द ही पीड़ित किसानों के हाथों तक आर्थिक मदद पहुँच सकेगी।
