बायोफैच इंडिया में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बने जीपीएम के जैविक उत्पाद

Report by manisha yadav

नई दिल्ली के प्रतिष्ठित जैविक उद्योग व्यापार मेला एवं सम्मेलन में विष्णुभोग राइस और केवची के जंगलों का शहद आकर्षण का केंद्र

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, नई दिल्ली में आयोजित देश के सबसे बड़े एवं प्रतिष्ठित जैविक उद्योग व्यापार मेला एवं सम्मेलन बायोफैच इंडिया 2026 में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन-बिहान के स्वसहायता समूहों द्वारा उत्पादित जैविक अरपा बिहान विष्णुभोग राइस तथा केवची के जंगलों से संग्रहित प्राकृतिक शहद का राष्ट्रीय स्टॉल में प्रदर्शन किया गया। इस उपलब्धि से जिले के जैविक उत्पादों को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नई पहचान मिलने की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर प्राप्त हुआ है। कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. के मार्गदर्शन तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री मुकेश रावटे के निर्देशन में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत गठित स्वसहायता समूहों एवं किसान उत्पादक संगठन द्वारा तैयार किए जा रहे जैविक उत्पाद लगातार राष्ट्रीय मंचों पर अपनी विशिष्ट पहचान बना रहे हैं।
               सम्मेलन में राज्य स्तर से राज्य कार्यक्रम प्रबंधक श्री राजन सोनी, जिले से जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री अभिषेक जायसवाल तथा तिपान एफपीओ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जितेन्द्र खैरवार ने सहभागिता कर जिले के उत्पादों का प्रभावी प्रदर्शन एवं प्रचार-प्रसार किया। यह अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला प्राकृतिक एवं जैविक उत्पादों तथा मोटे अनाज (मिलेट्स) आधारित पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने वाला प्रमुख मंच है, जिसमें देश-विदेश के खरीदार, निर्यातक एवं उद्योग प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। इससे जिले के जैविक उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध होने के साथ-साथ वैश्विक पहचान मिलने की संभावनाएं भी बढ़ी हैं। 
              जिला मिशन प्रबंधक श्री दुर्गाशंकर सोनी ने बताया कि आगामी समय में जिले में जैविक विष्णुभोग धान एवं शहद के साथ-साथ सूरन, कटहल एवं अन्य जैविक सब्जियों के उत्पादन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में महिला स्वसहायता समूह आर्थिक रूप से सशक्त होकर लखपति दीदी बनने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही हैं। ऐसे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच समूहों के उत्पादों को नया बाजार उपलब्ध कराने के साथ-साथ महिलाओं का उत्साहवर्धन एवं आत्मविश्वास भी बढ़ाते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *