छत्तीसगढ़ में बड़ा बदलाव: जमीन सीमांकन की पूरी प्रक्रिया हुई ऑनलाइन, किसानों को मिलेगी राहत

Report by manisha yadav

रायपुर। छत्तीसगढ़ में जमीन के सीमांकन की प्रक्रिया अब और आसान, पारदर्शी और डिजिटल होने जा रही है। राज्य सरकार के राजस्व एवं भू-अभिलेख विभाग ने सीमांकन प्रक्रिया को ऑनलाइन करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद जमीन मालिकों को सीमांकन के लिए तहसील कार्यालय के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। नई डिजिटल व्यवस्था के तहत सीमांकन के लिए आवेदन तहसील कार्यालय में जाकर देने की जरूरत नहीं होगी। आवेदक लोक सेवा केंद्र (CSC/चॉइस सेंटर), राजस्व विभाग के ऑनलाइन सिटीजन पोर्टल अथवा सेवा सेतु के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। इसके साथ ही सीमांकन के ऑफलाइन या मैन्युअल आवेदन को ई-कोर्ट के तहत तहसील स्तर से दर्ज करने की व्यवस्था समाप्त की जा रही है।
नई व्यवस्था में आवेदन सीधे संबंधित तहसीलदार की आईडी में ट्रांसफर होगा। सीमांकन के बाद राजस्व निरीक्षक अपनी रिपोर्ट भी ऑनलाइन जमा करेंगे। इससे आवेदक को अपने आवेदन की प्रक्रिया और विभिन्न स्तरों पर हुई कार्रवाई की जानकारी ऑनलाइन मिलती रहेगी। राजस्व विभाग की भू-अभिलेख शाखा द्वारा जारी पत्र के अनुसार राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र (NIC) के वरिष्ठ तकनीकी निदेशक को ई-कोर्ट सॉफ्टवेयर में आवश्यक तकनीकी सुधार कर नया मॉड्यूल सात दिनों के भीतर लागू करने के निर्देश दिए गए हैं
नई व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और डिजिटल मैपिंग के माध्यम से पूरी की जाएगी। यदि सीमांकन के दौरान पड़ोसी या किसी अन्य पक्ष की ओर से कोई औपचारिक आपत्ति दर्ज नहीं कराई जाती है, तो आवेदक को तहसील कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी। वहीं, सीमांकन के दौरान आपत्ति दर्ज होने की स्थिति में ही संबंधित आवेदक को तहसील कार्यालय जाना पड़ सकता है। मैन्युअल प्रक्रिया समाप्त होने से अनावश्यक दफ्तरों के चक्कर, कागजी कार्रवाई और बिचौलियों के हस्तक्षेप पर भी रोक लगने की उम्मीद है। तय समय-सीमा में प्रक्रिया पूरी होने से सीमांकन मामलों के लंबित रहने की समस्या कम होगी और आवेदकों को निर्धारित समय में सीमांकन रिपोर्ट उपलब्ध कराने की दिशा में मदद मिलेगी। राजस्व विभाग पहले ही कई सेवाओं को ऑनलाइन कर चुका है। नागरिक घर बैठे डिजिटल हस्ताक्षरित B-1 एवं P-II दस्तावेज तथा QR कोड वाली प्रमाणित प्रतियां डाउनलोड कर सकते हैं। जमीन की खरीद-बिक्री के बाद नामांतरण के लिए ऑनलाइन आवेदन और स्टेटस ट्रैकिंग की सुविधा भी उपलब्ध है।
इसके अलावा ऑनलाइन नजरी नक्शा, परिवर्तित भूमि (डायवर्सन) और नजूल जमीन के टैक्स रिकॉर्ड को भी डिजिटल किया जा चुका है। राजस्व न्यायालयों में चल रहे मामलों की पेशी, आदेश और सुनवाई का स्टेटस भी ऑनलाइन देखा जा सकता है। नई सीमांकन व्यवस्था को छत्तीसगढ़ में डिजिटल गवर्नेंस और पारदर्शी राजस्व व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे आम नागरिकों को समय और श्रम की बचत के साथ राजस्व सेवाओं तक आसान पहुंच मिल सकेगी।

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