
रायपुर। छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार की कैबिनेट बैठक में राज्य के कर्मचारियों और युवाओं के हित में कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित इस बैठक में सबसे बड़ी राहत राज्य में कार्यरत कर्मचारियों को मिली है। सरकार ने अन्य शासकीय सेवाओं और उच्च पदों पर आवेदन करने के लिए अधिकतम आयु सीमा 38 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
इस फैसले से स्थायी-अस्थायी शासकीय कर्मचारियों, निगम-मंडल और स्वायत्त संस्थाओं के कर्मियों, संविदाकर्मियों तथा नगर सैनिकों को 7 साल की सीधी अतिरिक्त छूट मिलेगी। नौकरी में रहते हुए जो कर्मचारी प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से बेहतर पद या दूसरी सेवाओं में जाना चाहते हैं, उन्हें अब आगे बढ़ने के अधिक और समान अवसर प्राप्त होंगे। इस संबंध में राज्य शासन जल्द ही एकीकृत स्थायी दिशा-निर्देश जारी करेगा।युवाओं के लिए 500 करोड़ का ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन’ मंजूर
प्रदेश के युवाओं को रोजगार, कौशल विकास और नवाचार से जोड़ने के लिए कैबिनेट ने ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन’ की शुरुआत की है। इस योजना के लिए आगामी 5 वर्षों के हेतु 500 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है।
इस मिशन के अंतर्गत राज्य के सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र, 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब और 5 इंडस्ट्री एक्सीलेंस सेंटर खोले जाएंगे। साथ ही, ‘NIPUN JOB Engine’ के माध्यम से युवाओं को उद्योगों की मांग के अनुसार प्रशिक्षण देकर जॉब-सीकर से ‘जॉब-क्रिएटर’ बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
‘छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30’ को स्वीकृति
राज्य को देश और दुनिया के प्रमुख निर्यात हब के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से मंत्रिपरिषद ने ‘छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30’ को हरी झंडी दिखाई है। इसके तहत राज्य में मजबूत लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा और कृषि व औद्योगिक क्षेत्रों के मूल्य संवर्धित (वैल्यू एडेड) उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। ई-कॉमर्स और अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों के माध्यम से स्थानीय निर्यातकों को वैश्विक बाजार तक सीधी पहुंच प्रदान की जाएगी।
नवा रायपुर में NSTI के लिए 10 एकड़ जमीन निःशुल्क आवंटित
नवा रायपुर अटल नगर के ग्राम तेंदुवा में ‘नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट’ (NSTI) की स्थापना के लिए भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता निदेशालय को 10 एकड़ भूमि निःशुल्क देने का निर्णय लिया गया है। लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस संस्थान में प्रतिवर्ष 1,000 दीर्घकालिक और 3,000 अल्पकालीन प्रशिक्षुओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
दुर्ग जिला न्यायालय के नवीन भवन निर्माण का मार्ग प्रशस्त
कैबिनेट ने दुर्ग जिला न्यायालय के नए भवन निर्माण के लिए ग्राम तितुरडीह में बीआईटी कॉलेज के पास 4 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) के नाम दर्ज इस भूमि के बदले ग्राम पाहंदा (तहसील पाटन) में 5.024 हेक्टेयर शासकीय भूमि बीएसपी को आवंटित की जाएगी। इससे दुर्ग में आधुनिक एवं सुव्यवस्थित नया न्यायालय परिसर बनाने का रास्ता साफ हो गया है
