Report by manisha yadav
रायपुर। सोने की मुकुट वाला गणेश जी ..रायपुर के श्रद्दालुओं को बताने की जरूरत नहीं हैं वे नाम और जगह जानते है बस प्रस्तुत झांकी में नया क्या है यह देखने वे गोलबाजार गणेशोत्सव स्थल पहुंचकर उसकी खुबसूरती से रूबरू होते हैं। जहां श्री बजरंग नवयुवक मित्र मंडल गणेशोत्सव समिति अपनी 2018 से बिठाई जा रही गणेश परम्परा को आगे बढ़ा रही है। गणपति को करीब 1 करोड़ रुपए से ज्यादा कीमत का सोने और रत्नों से जड़ा मुकुट पहनाया गया है। इस मुकुट का वजन 750 ग्राम है। इस बार भी गणपति के इस खास स्वर्ण श्रृंगार के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
गोलबाजार शहर के पुराने गणेशोत्सव स्थलों में शामिल है। समिति के अनुसार, इस साल यहां गणपति स्थापना के 117 साल पूरे हो रहे हैं। इतने लंबे समय से चली आ रही इस परंपरा से शहर के व्यापारी परिवारों की चौथी पीढ़ी जुड़ी हुई है। समिति से जुड़े भाजपा नेता केदार गुप्ता ने बताया कि वे पिछले 37 साल से गणेशोत्सव की सेवा में लगे हैं। उनके अनुसार, पहले गोलबाजार में गणेशोत्सव के दौरान गुफाएं बनाई जाती थीं, लेकिन अब जगह कम होने के कारण गुफाओं की जगह झांकी तैयार की जाती है।गोलबाजार के पंडाल में भगवान गणपति के साथ भगवान बालाजी, माता लक्ष्मी और मां पद्मावती की मूर्तियां भी स्थापित की गई हैं। सुबह से लेकर देर रात तक यहां श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रहती है।
केदार गुप्ता ने बताया कि समिति के प्रति लोगों की आस्था काफी पुरानी है। श्रद्धालुओं की मान्यता है कि यहां गणपति बप्पा से मांगी गई मुराद पूरी होती है। उन्होंने बताया कि गणपति का मुकुट 750 ग्राम सोने और रत्नों से तैयार किया गया है। इसकी मौजूदा बाजार कीमत 1 करोड़ रुपए से ज्यादा है। इसी स्वर्ण मुकुट से गणपति का श्रृंगार किया गया है। समिति की ओर से 2018 से गणपति को स्वर्ण मुकुट पहनाने की परंपरा जारी है।
