शिक्षकों के समर्पण से ही होगा शिक्षा का सशक्त निर्माण – मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

Report by manisha yadav

रायपुर, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा है कि शिक्षकों का समर्पण ही एक सशक्त शिक्षा व्यवस्था की नींव है और उनके प्रयासों से ही समाज एवं राष्ट्र का भविष्य आकार लेता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञानार्जन का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण की आधारशिला है, जिसे मजबूत करने में शिक्षकों की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण है।मंत्री श्रीमती राजवाड़े जिला स्तरीय मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रही थीं, जिसे राज्यभर में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों के सम्मान और प्रेरणा के रूप में देखा जा रहा है।

मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण बना प्रेरणा का मंच, उत्कृष्ट शिक्षकों के योगदान को मिला सम्मान

श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए निरंतर प्रयासरत है और इस दिशा में शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
उन्होंने शिक्षकों का आह्वान करते हुए कहा कि वे नवाचार, समर्पण और संवेदनशीलता के साथ विद्यार्थियों को शिक्षित करें, ताकि बच्चे न केवल शैक्षणिक रूप से उत्कृष्ट बनें, बल्कि नैतिकता, अनुशासन और जीवन कौशल से भी परिपूर्ण हों। मंत्री ने सम्मानित शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन शिक्षकों के मनोबल को बढ़ाते हैं और उन्हें और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करते हैं।

मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण बना प्रेरणा का मंच, उत्कृष्ट शिक्षकों के योगदान को मिला सम्मान

कार्यक्रम में विधायक श्री भूलन सिंह मरावी ने भी शिक्षकों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि विशेष रूप से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षक सीमित संसाधनों के बावजूद उत्कृष्ट परिणाम दे रहे हैं। उन्होंने शिक्षकों से बच्चों को समग्र शिक्षा देने का आह्वान किया।

समारोह के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी ने राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक बदलावों की जानकारी देते हुए बताया कि नवाचार, सतत मूल्यांकन एवं विविध शैक्षणिक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

कार्यक्रम में उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया गया, जिससे पूरे वातावरण में उत्साह और गौरव का भाव देखने को मिला। इस प्रकार के आयोजन शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊर्जा का संचार करते हैं।समारोह में जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद्, शिक्षक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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