हंता वायरस का खतरा: 3 की मौत, 1 लाइफ सपोर्ट पर, भारत में क्या है हाल?

Report by manisha yadav

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रमुख टेड्रोस अदनोम घेब्रेयसस ने कहा कि अब तक संक्रमण के कन्फर्म और संदिग्ध मामले केवल जहाज के यात्रियों या चालक दल के सदस्यों में ही पाए गए हैं। उन्होंने कहा, ‘फिलहाल ऐसा कोई संकेत नहीं है कि यह किसी बड़े प्रकोप की शुरुआत है।’

हंता वायरस का तांडव, 3 की मौत और एक लाइफ सपोर्ट पर; भारत में क्या हाल

एमवी होंडियस नामक जहाज पर घातक हंता वायरस की चपेट में आई फ्रांसीसी महिला की स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है। खबर है कि मरीज कोजीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया है। पेरिस के एक अस्पताल में उसका इलाज कर रहे चिकित्सकों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। संक्रमण के कुल मामलों की संख्या अब 11 तक पहुंच गई है, जिनमें से नौ मामलों में हंता वायरस संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। जहाज पर सवार तीन लोगों की इस वायरस से मौत हो चुकी है, जिनमें नीदरलैंड का एक जोड़ा भी शामिल है।

सबसे पहले यही जोड़ा हंता वायरस के संपर्क में आया

स्वास्थ्य अधिकारियों का मानना है कि दक्षिण अमेरिका की यात्रा के दौरान यह जोड़ा सबसे पहले इस वायरस के संपर्क में आया था। बिचैट अस्पताल के संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. जेवियर लेस्क्योर ने कहा कि पेरिस में भर्ती फ्रांसीसी महिला गंभीर रूप से बीमार है और उनके फेफड़ों और हृदय में गंभीर समस्या है। लेस्क्योर ने इसे ‘गहन उपचार का अंतिम चरण’ बताया है।

जहाज के यात्री आइसोलेशन में

सभी 87 यात्रियों और चालक दल के 35 सदस्यों को सुरक्षित निकाले जाने के बाद जहाज अब नीदरलैंड की ओर बढ़ रहा है, जहां इसे पूरी तरह साफ और संक्रमण मुक्त किया जाएगा। नीदरलैंड पहुंचे यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को आइसोलेशन में रखा गया है।

हालांकि, अब तक भारत में इस तरह का कोई मामला सामने नहीं आया है। क्रूज पर यात्रा के दौरान दो भारतीय नागिरकों के हंता वायरस के चपेट में आने की खबरें आई थीं, लेकिन अधिकारियों ने रविवार को साफ किया है कि उनमें कोई लक्षण नहीं हैं।

45 दिन आइसोलेशन में रहेंगे ब्रिटिश यात्री

हंता वायरस की चपेट में आए एक क्रूज शिप पर सवार सभी शेष ब्रिटिश नागरिकों की उत्तर-पश्चिम इंग्लैंड के एक अस्पताल में जांच की जा रही है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि ये यात्री 45 दिनों के आइसोलेशन में हैं। यूके स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी (UKHSA) ने बताया कि एमवी होंडियस जहाज से वापस लाए गए 20 ब्रिटिश नागरिकों, ब्रिटेन में रहने वाले एक जर्मन नागरिक और जापान सरकार के अनुरोध पर लाए गए एक जापानी यात्री की मर्सीसाइड के विराल स्थित एरो पार्क अस्पताल में निगरानी की जा रही है।

अगले 72 घंटों के भीतर उनकी जांच की जाएगी, जिसके बाद संक्रामक रोग विशेषज्ञ यह तय करेंगे कि वे अपना आइसोलेशन सुरक्षित रूप से कहां पूरा कर सकते हैं।

WHO ने क्या कहा

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के प्रमुख टेड्रोस अदनोम घेब्रेयसस ने कहा कि अब तक संक्रमण के कन्फर्म और संदिग्ध मामले केवल जहाज के यात्रियों या चालक दल के सदस्यों में ही पाए गए हैं।

उन्होंने कहा, ‘फिलहाल ऐसा कोई संकेत नहीं है कि यह किसी बड़े प्रकोप की शुरुआत है।’ हालांकि, उन्होंने आगाह किया कि स्थिति बदल सकती है और संक्रमण के लक्षण उभरने में लगने वाले लंबे समय को देखते हुए आने वाले हफ्तों में और मामले सामने आ सकते हैं। स्पेन के स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि जहाज से निकाले गए स्पेन के एक यात्री में भी हंता वायरस की पुष्टि हुई है। उसे मैड्रिड के एक सैन्य अस्पताल में आइसोलेशन में रखा गया है।

भारतीय सुरक्षित

स्पेन स्थित भारतीय दूतावास ने रविवार को कहा कि हंता वायरस प्रभावित क्रूज पर मौजूद दो भारतीय नागरिक पूरी तरह स्वस्थ हैं और उनमें संक्रमण के कोई लक्षण नहीं हैं। दूतावास ने कहा कि भारतीय राजदूत स्पेनिश अधिकारियों और दोनों भारतीय क्रू सदस्यों के संपर्क में बने हुए हैं। साथ ही, उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य की स्थिति पर नियमित निगरानी रखी जा रही है।

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