आयुर्वेद के अनुसार कितने घंटे की नींद लेनी चाहिए? जानिए क्या है सही नियम

Report by manisha yadav

आजकल लगभग हर किसी की स्लीप साइकिल काफी बिगड़ गई है। देर रात तक वर्क, फोन स्क्रॉलिंग की हैबिट और लेट नाइट रूटीन ने नींद के समय को पूरी तरह हिला कर रख दिया है। कुछ लोग तो सुबह जल्दी उठ जाते हैं, लेकिन रात में उन्हें नींद देर से ही आती है। ऐसे में मुश्किल से 5-6 घंटे की नींद ले कर काम चलाना आजकल बड़ा कॉमन होता जा रहा है। हम सभी जानते हैं कि हेल्दी लाइफस्टाइल में स्लीप का क्या इंपोर्टेंस है। लेकिन फिर भी कन्फ्यूजन के चलते कुछ लोगों को 5-6 घंटे की नींद काफी लगती है, तो कुछ लोग 8-10 घंटे के बाद भी और सोना चाहते हैं। अब सवाल है कि आखिर कितने घंटे की नींद लेना वाकई सही होता है? इसपर आयुर्वेद का भला क्या कहना है? आचार्य बालकृष्ण ने एक इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए इसी बारे में डिटेल से बताया है, आइए जानते हैं-

आयुर्वेद के अनुसार कितने घंटे की नींद जरूरी है?

आचार्य बालकृष्ण बताते हैं कि अगर आप छह घंटे से कम नींद ले रहे हैं, तो समझ लीजिए आपके शरीर में कोई रोग है। वहीं अगर आपको आठ घंटे से ज्यादा की नींद आ रही है; तब भी ये किसी छिपी हुई गड़बड़ का संकेत हो सकती है। कुल मिलाकर कहें तो आयुर्वेद के अनुसार आपको कम से कम छह घंटे और ज्यादा से ज्यादा आठ घंटे की नींद लेना जरूरी माना जाता है। अगर आप इतनी नींद ले रहे हैं तो ये आपके शरीर के लिए पर्याप्त है। आप अपनी दिनचर्या और जरूरत के हिसाब से अपने घंटे तय कर सकते हैं।

गाढ़ी और अच्छी नींद लेना है जरूरी

आचार्य बताते हैं कि सिर्फ नींद के घंटे गिनना काफी नहीं है, बल्कि नींद की गुणवत्ता भी काफी मायने रखती है। आयुर्वेद और शास्त्रों के मुताबिक उचित समय पर गाढ़ी नींद में सोने वाले व्यक्ति में प्रसन्नता, पुष्टि, तेज, बल और पौरुष होता है। ऐसे लोगों में ओज, कांति, ज्ञान और आयु की भी वृद्धि होती है।

सोने का सही समय क्या है?

आचार्य की मानें तो आपको रात में 10 बजे तक हर हाल में सो जाना चाहिए। 10 बजे से ले कर सुबह 4 बजे की नींद आपके शरीर के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद होती है। सुबह 4 बजे ब्रह्म मुहूर्त में उठकर अपने दिन की शुरुआत करें। अगर आप एक घंटा लेट यानी 11 बजे सोते हैं तो सुबह 5 बजे उठ सकते हैं। इससे आधा घंटा ऊपर-नीचे हो सकता है, लेकिन उससे ज्यादा देरी से उठना अवॉइड करें।

सोने का सही तरीका क्या है?

आयुर्वेद के अनुसार गाढ़ी और बेहतर नींद के लिए अपने हाथ-पैरों पर सीधा रखकर सोना चाहिए। आप करवट ले कर सो सकते हैं, लेकिन हाथ-पैर हमेशा सीधे ही रखें। इसके अलावा आपका तकिया भी ज्यादा मोटा नहीं होना चाहिए।

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