Report by manisha yadav
रायपुर। छत्तीसगढ़ में बहुप्रतीक्षित नई रेल लाइन परियोजना को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) ने खरसिया-परमालकसा वाया बलौदाबाजार, नवा रायपुर रेल लाइन परियोजना के लिए प्रभावित होने वाले भू स्वामियों की सूची जारी कर दी है। इसके साथ ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी औपचारिक रूप से शुरू हो गई है।
रेलवे प्रशासन ने प्रभावित किसानों और जमीन मालिकों को दावा एवं आपत्ति दर्ज कराने के लिए 30 दिनों का समय दिया है। इस परियोजना को प्रदेश के औद्योगिक और आर्थिक विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
278 किलोमीटर लंबी रेल लाइन से बदलेगी कनेक्टिविटी
खरसिया से परमालकसा तक बनने वाली यह नई रेल लाइन लगभग 278 किलोमीटर लंबी होगी। यह परियोजना केंद्र सरकार की गति शक्ति योजना के अंतर्गत शामिल है।
इस रेल मार्ग के पूरा होने से:
- बलौदाबाजार सहित औद्योगिक क्षेत्रों को सीधी रेल सुविधा मिलेगी।
- माल परिवहन में लगने वाला समय और लागत कम होगी।
- मौजूदा रेल नेटवर्क पर दबाव घटेगा।
- व्यापार और उद्योगों को नई गति मिलेगी।
रेलवे ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को वर्ष 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
6 जिलों से होकर गुजरेगी रेल लाइन
नई रेल लाइन परियोजना प्रदेश के छह प्रमुख जिलों से होकर गुजरेगी। इसके लिए बड़े स्तर पर भूमि अधिग्रहण किया जा रहा है।
जिलों के अनुसार प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण:
- रायगढ़: 14 गांवों से 104.74 हेक्टेयर भूमि।
- जांजगीर-चांपा और सक्ती: 53 गांवों से 651.28 हेक्टेयर भूमि।
- बिलासपुर: 6 गांवों से 67.26 हेक्टेयर भूमि।
- बलौदाबाजार: 36 गांवों से 343.56 हेक्टेयर भूमि।
- रायपुर: 26 गांवों से 404.93 हेक्टेयर भूमि।
- दुर्ग: 22 गांवों से 349.02 हेक्टेयर भूमि।
कुल मिलाकर करीब 1,715.85 हेक्टेयर (4,240 एकड़ से अधिक) जमीन अधिग्रहित की जानी है।
बलौदाबाजार जिले के 36 गांव होंगे प्रभावित
बलौदाबाजार जिले में यह रेल लाइन कुल 36 गांवों से होकर गुजरेगी। इनमें बलौदाबाजार, पलारी और लवन तहसील के गांव शामिल हैं।
बलौदाबाजार तहसील के प्रभावित गांव:
- खम्हरिया
- सेम्हराडीह
- चांपा
- पुरान
- सकरी
- दशरमा
- भरवाडीह
- पौसरी
- गोडखपरी
- मगरचबा
- ठेलकी
- छुईहा रिसदा
- सैहा
पलारी तहसील के गांव:
- चुचूरूगपुर
- रेंगाडीह
- गाडाभाठा
- गुमा
- मुसवाडीह
- गितकेरा
- अमलीडीह
- परसवानी
- झिराही
- छेरकाडीह
- खपरी
- सरकीपार
लवन तहसील के गांव:
- खैदा
- पनगांव
- अमलकुंडा
- धनगांव
- मिश्रईनडीह
- भदरा
- सुढेली
- बिटकुली
- तारासींव
21 नए स्टेशन और सैकड़ों पुलों का होगा निर्माण
इस रेल परियोजना के तहत आधुनिक सुविधाओं से लैस नई अधोसंरचना तैयार की जाएगी।
परियोजना में शामिल हैं:
- 21 नए रेलवे स्टेशन।
- 48 बड़े पुल।
- 349 छोटे पुल।
- 14 फ्लाईओवर।
- 184 अंडरपास।
इन निर्माण कार्यों से न केवल यात्री सुविधाएं बढ़ेंगी, बल्कि औद्योगिक क्षेत्रों में माल ढुलाई की क्षमता भी मजबूत होगी।
8,741 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगी परियोजना
रेल मंत्रालय के अनुसार वर्ष 2025-26 में इस परियोजना को करीब 8,741 करोड़ रुपये की लागत से मंजूरी दी गई है। वहीं वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में इसके लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
रेलवे प्रशासन ने प्रभावित भूमि मालिकों से अपील की है कि वे निर्धारित अवधि के भीतर अपने दावे और आपत्तियां प्रस्तुत करें, ताकि अधिग्रहण प्रक्रिया नियमानुसार आगे बढ़ाई जा सके।
उद्योग और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
खरसिया-परमालकसा रेल लाइन परियोजना को छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। नई रेल सुविधा से कोयला, खनिज, कृषि उत्पाद और अन्य औद्योगिक सामानों के परिवहन में आसानी होगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, बेहतर रेल नेटवर्क से नए उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं। आने वाले वर्षों में यह परियोजना प्रदेश की आर्थिक तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
