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फेसबुक पोस्ट पर अमित पाण्डेय के खिलाफ FIR, यूडी मिंज की शिकायत के बाद कुनकुरी पुलिस की कार्रवाई

Report by manisha yadav

जशपुर। सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक और भड़काऊ पोस्ट को लेकर जशपुर जिले में मामला गरमा गया है। कुनकुरी पुलिस ने अम्बिकापुर निवासी अमित कुमार पाण्डेय के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह कार्रवाई कुनकुरी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक एवं जिला कांग्रेस कमेटी जशपुर के अध्यक्ष उत्तमदान (यूडी) मिंज की शिकायत के आधार पर की गई है।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि अमित पाण्डेय अपने फेसबुक प्रोफाइल के माध्यम से यूडी मिंज, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और एक धार्मिक समुदाय को लेकर लगातार कथित आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट कर रहे थे। पुलिस ने शिकायत के साथ उपलब्ध कराए गए डिजिटल साक्ष्यों और दस्तावेजों की जांच के बाद मामला दर्ज किया है।

17 जून को दर्ज कराई गई थी शिकायत

मिली जानकारी के अनुसार यूडी मिंज ने 17 जून 2026 को कुनकुरी थाने में शिकायत दी थी। शिकायत में सोशल मीडिया पर प्रकाशित कथित पोस्ट और वीडियो को लेकर आपत्ति जताई गई थी।

शिकायतकर्ता के मुताबिक, कुछ पोस्ट में यूडी मिंज को राजनीतिक गतिविधियों और कथित घटनाओं के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए गंभीर आरोप लगाए गए। इसके अलावा कुछ सामग्री में धार्मिक और सामुदायिक संदर्भ होने का भी आरोप लगाया गया।

शिकायत में आशंका जताई गई कि ऐसी सामग्री से विभिन्न समुदायों के बीच गलतफहमी या वैमनस्य पैदा हो सकता है और क्षेत्र के सामाजिक सौहार्द पर असर पड़ सकता है।

पुलिस को सौंपे गए फेसबुक पोस्ट और स्क्रीनशॉट

मामले में शिकायतकर्ता की ओर से पुलिस को सोशल मीडिया से संबंधित कई डिजिटल साक्ष्य उपलब्ध कराए गए हैं।

इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं—

  • फेसबुक पोस्ट
  • वीडियो
  • स्क्रीनशॉट
  • संबंधित सोशल मीडिया यूआरएल
  • अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड
  • कथित आपत्तिजनक सामग्री से जुड़े दस्तावेज

पुलिस इन डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच का उद्देश्य सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री की वास्तविकता और उसके स्रोत का पता लगाना भी है।

बयान दर्ज करने के बाद FIR

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले से जुड़े लोगों के बयान दर्ज किए। शिकायतकर्ता यूडी मिंज और गवाह सरवर अली उर्फ पिंटू सहित संबंधित पक्षों से पूछताछ की गई।

शिकायत, दस्तावेजों और उपलब्ध डिजिटल सामग्री के परीक्षण के बाद पुलिस ने प्रथम दृष्टया अपराध बनना पाए जाने पर अमित कुमार पाण्डेय के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू की।

शिकायत में भारतीय न्याय संहिता यानी बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की गई थी। इसमें धारा 196(1), 197(1), 353(1), 196(2), 61(2) तथा 45/49 का उल्लेख किया गया है।

डिजिटल रिकॉर्ड की जांच पर फोकस

इस मामले में सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जांच का अहम हिस्सा हैं। शिकायतकर्ता ने पुलिस से संबंधित डिजिटल सामग्री को सुरक्षित रखने और फेसबुक अकाउंट तथा उससे जुड़े रिकॉर्ड की जांच करने की मांग की है।

इसके अलावा शिकायत में यह भी कहा गया है कि अगर जांच के दौरान कथित पोस्ट के पीछे किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, तो उसकी भी पड़ताल की जाए।

पुलिस अब उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर मामले की आगे की दिशा तय करेगी।

पहले भी विवाद से जुड़ा नाम आने का दावा

शिकायत से जुड़े विवरण में यह भी दावा किया गया है कि अमित पाण्डेय का नाम पहले पत्थलगांव थाना क्षेत्र में अग्रवाल समाज से जुड़े विवाद में सामने आया था। आरोप है कि उस समय भी सोशल मीडिया पर कथित विवादित और भड़काऊ पोस्ट को लेकर विवाद की स्थिति बनी थी।

हालांकि, पुराने मामले से संबंधित तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है। इसलिए उस मामले की वास्तविक स्थिति संबंधित पुलिस रिकॉर्ड और जांच के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी।

कई राजनीतिक नेताओं पर आरोप लगाने का भी दावा

शिकायतकर्ता पक्ष का यह भी आरोप है कि अमित पाण्डेय सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री सहित जिले के विभिन्न राजनीतिक नेताओं और विपक्षी नेताओं को लेकर गंभीर आरोप लगाते रहे हैं।

अब ताजा एफआईआर के बाद पुलिस की जांच इस बात पर केंद्रित है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध सोशल मीडिया सामग्री के बीच क्या संबंध है।

पुलिस जांच में इन बिंदुओं पर रहेगी नजर

  • कथित फेसबुक पोस्ट की सत्यता
  • पोस्ट करने वाले अकाउंट और डिजिटल रिकॉर्ड
  • उपलब्ध स्क्रीनशॉट और वीडियो
  • सोशल मीडिया यूआरएल की जांच
  • संबंधित लोगों के बयान
  • कथित पोस्ट के पीछे किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका
  • इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से सामने आने वाले तथ्य

फिलहाल कुनकुरी पुलिस ने यूडी मिंज की शिकायत के आधार पर अमित पाण्डेय FIR दर्ज कर ली है। मामले में सोशल मीडिया पोस्ट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी है। एफआईआर में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होगी।

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