खाद-बीज कारोबार में बड़ा खुलासा! बिना लाइसेंस धड़ल्ले से व्यापार, 3 पर FIR और 3 गोदाम सील

Report by manisha yadav

रायपुर। किसानों को खाद, बीज और कीटनाशक उपलब्ध कराने वाले कारोबार में नियमों की अनदेखी का मामला सामने आने के बाद रायपुर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिले में राज्य और जिला स्तरीय संयुक्त जांच दल ने कई कृषि सामग्री विक्रय केंद्रों और गोदामों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान बिना प्राधिकार पत्र के खाद-बीज का कारोबार, एक्सपायरी कीटनाशक और भंडारण से जुड़ी कई अनियमितताएं सामने आईं।

कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई के बाद तीन व्यापारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं 9 संस्थानों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है और 3 गोदामों को सील कर दिया गया है। एक संस्थान को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।

बिना प्राधिकार पत्र के खाद-बीज कारोबार

जांच के दौरान रायपुर जिले में कुछ प्रतिष्ठानों द्वारा आवश्यक प्राधिकार पत्र के बिना बीज और उर्वरक का कारोबार किए जाने की जानकारी सामने आई। इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए संबंधित कारोबारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।

इन मामलों में मेसर्स पुलकित बायोफर्टिलाइजर, हरियाणा और रविन्द्र कुमार मित्तल के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

प्रशासन की इस कार्रवाई से साफ है कि किसानों को बेचे जाने वाले कृषि उत्पादों के कारोबार में आवश्यक दस्तावेज और नियमों का पालन अनिवार्य होगा।

9 संस्थानों की बिक्री पर रोक

संयुक्त जांच दल के निरीक्षण में अलग-अलग संस्थानों में अलग-अलग तरह की अनियमितताएं मिलीं। इसके बाद 9 संस्थानों के विक्रय पर प्रतिबंध लगाया गया।

कार्रवाई की जद में आए प्रमुख संस्थानों में शामिल हैं:

  • एकॉन क्रॉप साइंसेस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड
  • एमिरॉन ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड
  • डेक्सीस एग्रो सॉल्यूशन
  • भास्कर कृषि केंद्र
  • अभनपुर कृषि केंद्र
  • सोपन एग्री केयर प्राइवेट लिमिटेड
  • निधि मार्केटिंग सीएंडएफ, उरकुरा से जुड़े प्रतिष्ठान

इन संस्थानों में मिली अनियमितताओं के आधार पर संबंधित अधिकारियों ने बिक्री प्रतिबंध और नोटिस जैसी कार्रवाई की है।

गोदामों से मिले बॉक्स, स्टीकर और सील

औचक निरीक्षण के दौरान कुछ गोदामों में भंडारण से संबंधित बॉक्स, स्टीकर और सील जैसी सामग्री भी मिली। इसके बाद संबंधित गोदामों को सील कर दिया गया।

प्रशासन अब यह जांच कर रहा है कि इन सामग्रियों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा था और इनका कृषि उत्पादों के भंडारण अथवा बिक्री से क्या संबंध था।

एक्सपायरी कीटनाशक मिलने से मचा हड़कंप

जांच के दौरान कुछ संस्थानों में एक्सपायरी कीटनाशक मिलने की बात भी सामने आई है। किसानों के लिए इस्तेमाल होने वाले कीटनाशकों की गुणवत्ता बेहद महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि खराब या एक्सपायरी उत्पाद फसल और खेती दोनों के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं।

इसी वजह से कृषि विभाग ने ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित संस्थानों पर कार्रवाई शुरू की है।

कार्रवाई में क्या-क्या हुआ?

  • 3 व्यापारियों के खिलाफ FIR
  • 3 गोदाम सील
  • 9 संस्थानों की बिक्री पर प्रतिबंध
  • एक संस्थान को नोटिस जारी
  • बिना प्राधिकार खाद-बीज कारोबार की जांच
  • एक्सपायरी कीटनाशकों के मामले में कार्रवाई
  • बॉक्स, स्टीकर और सील जैसी सामग्री बरामद
  • निरीक्षण में सहयोग नहीं करने वाले विक्रय केंद्रों पर भी कार्रवाई

निरीक्षण में सहयोग नहीं किया तो विक्रय केंद्र सील

जांच टीम के निरीक्षण में सहयोग नहीं करने के मामले में आरडी इंटरप्राइजेस और डीसी इंटरप्राइजेस के विक्रय केंद्रों को भी सील किया गया है।

कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि कृषि सामग्री से जुड़े कारोबारियों को निरीक्षण के दौरान आवश्यक दस्तावेज और जानकारी उपलब्ध करानी होगी। जांच में बाधा डालने या सहयोग नहीं करने की स्थिति में भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

इन कानूनों के तहत होगी कड़ी कार्रवाई

उप संचालक कृषि के अनुसार, संबंधित संस्थानों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जा रहा है। स्पष्टीकरण प्राप्त होने के बाद जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

उर्वरक से जुड़ी अनियमितताओं के मामलों में उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत कार्रवाई होगी।

वहीं कीटनाशी उत्पादों से संबंधित अनियमितताओं के मामलों में कीटनाशी अधिनियम, 1968 एवं कीटनाशी नियम, 1971 के प्रावधान लागू किए जाएंगे।

किसानों के हित में प्रशासन का सख्त रुख

खाद, बीज और कीटनाशक सीधे किसानों की खेती से जुड़े महत्वपूर्ण उत्पाद हैं। इनकी बिक्री और भंडारण में नियमों का पालन नहीं होने पर किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।

रायपुर में हुई इस कार्रवाई से प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि कृषि सामग्री के कारोबार में किसी भी तरह की अनियमितता को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। जांच के दौरान जिन संस्थानों पर कार्रवाई हुई है, उनके स्पष्टीकरण और आगे की जांच के आधार पर अंतिम कार्रवाई तय की जाएगी।

नोट: एफआईआर और प्रशासनिक कार्रवाई जांच में सामने आई कथित अनियमितताओं के आधार पर की गई है। संबंधित मामलों में अंतिम कानूनी स्थिति सक्षम प्राधिकारी और न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार तय होगी।

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