रणजी ट्रॉफी 2026-27 के राउंड 2 के मुकाबले में एक ऐतिहासिक कारनामा मिजोरम के बल्लेबाज चिन्मय सुतार ने किया। उन्होंने नागालैंड के खिलाफ नाबाद 400 रनों की पारी खेली। वह रणजी ट्रॉफी के इतिहास में ऐसा करने वाले सिर्फ दूसरे बल्लेबाज बने। उन्होंने 77 सालों बाद रणजी ट्रॉफी में चौहरा शतक लगाने का कारनामा किया। चिन्मय सुतार के लिए यह पारी एक ब्रेक थ्रू की तरह देखी जा रही है जो उन्हें करियर में आगे बढ़ाने में मदद कर सकती है। मिजोरम के लिए खेलते हुए चिन्मय सुतार ने टूर्नामेंट के 92 साल के इतिहास में सिर्फ दूसरे चौहरा शतक लगाने वाले क्रिकेटर बने। इससे पहले सिर्फ बीबी निंबालकर ने रणजी ट्रॉफी की एक पारी में 400 रन बनाने का कारनामा किया था। उन्होंने 1948-49 में काठियावाड़ के खिलाफ महाराष्ट्र के लिए नाबाद 443 रन बनाए थे।
29 साल के सुतार अपनी पारी के दौरान पहले घंटे में हिलती हुई गेंद से बचने के बाद अपनी लय में आ गए और जब उनके आस-पास दूसरे बल्लेबाज आउट हो रहे थे, तब वे धैर्य के साथ मैदान पर डटे रहे और रन बनाते रहे। जैसे-जैसे पिच आसान हुई तो सुतार ने स्कोरिंग शॉट खेलने शुरू किए। उन्होंने नंबर 6 के बल्लेबाज के साथ 168 रन जोड़े। मिजोरम के 9 विकेट गिरने के बाद सुतार ने आखिरी विकेट के लिए लालरेम्पुइया छकछुआक के साथ शानदार साझेदारी की और अपने स्कोर को 400 तक पहुंचाया।
जब चिन्मय के पिता राजेश ने शेन वार्न की टीम को हराया था
सुतार अपने परिवार में पहले क्रिकेटर नहीं हैं। उनसे पहले उनके पिता का भी क्रिकेट इतिहास रहा है। उनके पिता ने शेन वॉर्न को हराने में भी अहम भूमिका निभाई थी। चिन्मय के पिता का नाम राजेश है, जो 1990 के दशक में मुंबई क्रिकेट में अपने छक्के मारने के कारनामों के लिए जाने जाते थे। उन्होंने अपने करियर में मुंबई के लिए 7 रणजी ट्रॉफी मैच और 30 लिस्ट A गेम खेले। राजेश कभी भारतीय राष्ट्रीय टीम के लिए क्रिकेट नहीं खेले, लेकिन मुंबई की ओर से साल 1998 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबला जरूर खेला था, जिसमें स्टीव वॉ और शेन वॉर्न की टीम की शिकस्त भी दी थी। यह मुकाबला साल 1998 में मुंबई के ऐतिहासिक ब्रेबॉर्न स्टेडियम (क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया) में ऑस्ट्रेलिया के भारत दौरे के दौरान खेला गया था।
मुंबई की ओर से खेलते हुए ऑफ-स्पिन ऑलराउंडर राजेश सुतार ने सचिन तेंदुलकर के साथ मिलकर ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी आक्रमण पर जोरदार धावा बोला था। दोनों ने मिलकर महज 15 ओवरों में 97 रनों की तेज तर्रार साझेदारी की थी। इस मुकाबले में राजेश सुतार ने 43 गेंदों में 6 चौकों की मदद से वनडे अंदाज में शानदार 45 रन बनाए थे। वहीं दूसरी छोर पर मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने ऑस्ट्रेलियाई टीम और दिग्गज स्पिनर शेन वॉर्न की गेंदों की धज्जियां उड़ाते हुए नाबाद 204 रनों की पारी खेली थी। उन्होंने ऐतिहासिक दोहरा शतक जड़ा था। मुंबई ने इस टूर मैच में ऑस्ट्रेलिया को करारी शिकस्त दी थी। इस तरह चिन्मय सुतार के पिता ने ऑस्ट्रेलिया की टीम को पटखनी देने में अहम भूमिका निभाई थी और अब चिन्मय ने इतिहास रच दिया है।
