Today

शतरंज की दुनिया में भारत का नया सितारा, प्रज्ञानानंद ने जीता प्रतिष्ठित खिताब

नई दिल्ली। भारतीय शतरंज के युवा सितारे आर. प्रज्ञानानंद ने एक बार फिर देश का नाम रोशन करते हुए इतिहास रच दिया है। प्रज्ञानानंद ग्रैंड चेस टूर जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। सेंट लुइस में खेले गए रोमांचक फाइनल में उन्होंने मौजूदा चैंपियन फैबियानो कारुआना के खिलाफ शानदार वापसी करते हुए खिताब अपने नाम किया।

पीछे होने के बावजूद नहीं मानी हार

फाइनल मुकाबले की शुरुआत प्रज्ञानानंद के लिए चुनौतीपूर्ण रही। क्लासिकल गेम्स के बाद वह 3-9 से पीछे चल रहे थे। उन्हें वापसी के लिए छह अंकों की जरूरत थी। इसके बाद भारतीय ग्रैंडमास्टर ने शानदार खेल दिखाते हुए दोनों रैपिड गेम जीत लिए और स्कोर 11-9 कर दिया।

इसके बाद मुकाबला और भी रोमांचक हो गया। कारुआना ने पहले ब्लिट्ज गेम में ड्रॉ हासिल किया और दूसरे ब्लिट्ज गेम में जीत दर्ज करते हुए स्कोर 12-12 से बराबर कर दिया। लेकिन प्रज्ञानानंद ने दबाव में भी अपना संयम बनाए रखा और तीसरे ब्लिट्ज गेम में जीत हासिल कर फिर बढ़त बना ली।

आखिरी गेम में दिखा जबरदस्त संयम

अंतिम मुकाबले में प्रज्ञानानंद को खिताब जीतने के लिए सिर्फ ड्रॉ की जरूरत थी। उन्होंने बेहद समझदारी से खेलते हुए जरूरी ड्रॉ हासिल कर लिया। छह मुकाबलों में प्रज्ञानानंद ने 3 जीत, 2 ड्रॉ और 1 हार दर्ज की।

2026 में लगातार शानदार प्रदर्शन

ग्रैंड चेस टूर की यह जीत प्रज्ञानानंद के लिए 2026 की एक और बड़ी उपलब्धि है। साल की शुरुआत में कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाने के बाद उन्होंने जबरदस्त वापसी की।

उन्होंने नॉर्वे चेस का खिताब जीता और इस दौरान दिग्गज खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन को दो बार हराया। इसके बाद सेंट लुइस रैपिड एंड ब्लिट्ज टूर्नामेंट में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया। सिनकफील्ड कप में भी वह संयुक्त रूप से शीर्ष स्थान पर रहे।

करियर की बड़ी उपलब्धियों में शामिल हुआ खिताब

खिताब जीतने के बाद प्रज्ञानानंद ने इसे अपने करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल बताया। उनका कहना था कि इस तरह के प्रतिष्ठित टूर्नामेंट को जीतने के लिए अंत तक संघर्ष करने और मजबूत मानसिकता बनाए रखने की जरूरत होती है।

ग्रैंड चेस टूर की प्रतिष्ठा को देखते हुए यह जीत भारतीय शतरंज के लिए भी बेहद खास मानी जा रही है। प्रज्ञानानंद की इस उपलब्धि से भारत के युवा शतरंज खिलाड़ियों को नई प्रेरणा मिलने की उम्मीद है।

मिली करोड़ों की पुरस्कार राशि

ग्रैंड चेस टूर जीतने के बाद प्रज्ञानानंद को 2 लाख डॉलर, यानी करीब 1.9 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि मिली। इसके साथ ही 2027 ग्रैंड चेस टूर में उनकी जगह भी पक्की हो गई।

2026 सर्किट में नॉर्वे चेस, सेंट लुइस रैपिड एंड ब्लिट्ज और सिनकफील्ड कप में उनके शानदार प्रदर्शन को मिलाकर उनकी कुल पुरस्कार राशि करीब 4,04,354 डॉलर, यानी लगभग 4 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।

प्रज्ञानानंद की यह ऐतिहासिक जीत भारतीय शतरंज के बढ़ते दबदबे की एक और बड़ी मिसाल बन गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *