
धार। मंगलवार को धार शहर में प्रस्तावित वराह मार्च वाहन रैली से पहले पुलिस ने सनातन प्रहरी समिति से जुड़े लोगों की गिरफ्तारी शुरू कर दी है। सुबह अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय डाबर ने समिति के लोगों को गिरफ्तार किए जाने की पुष्टि की है। हालांकि, गिरफ्तार लोगों के विरुद्ध लगाई गई धाराओं की जानकारी अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है।
प्राथमिक रूप से यह माना जा रहा है कि प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन करने पर यह कार्रवाई की गई है।सनातन प्रहरी समिति ने मंगलवार दोपहर 2 बजे पीजी कॉलेज परिसर से वराह मार्च वाहन रैली निकालने की घोषणा की थी।जिला प्रशासन द्वारा अनुमति निरस्त किए जाने के बावजूद समिति ने रैली निकालने की बात कही थी। समिति का कहना था कि उसने आयोजन की अनुमति नहीं मांगी, बल्कि केवल सूचना दी थी। इसी मुद्दे को लेकर प्रशासन और समिति के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था।
जिला दंडाधिकारी द्वारा प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए जाने के बाद बिना अनुमति किसी भी आयोजन को लेकर प्रशासन की सख्ती बढ़ गई थी। ऐसे में पुलिस की गिरफ्तारी कार्रवाई से दोपहर 2 बजे प्रस्तावित रैली के आयोजन पर संकट गहरा गया है। प्रशासन द्वारा प्रतिबंधात्मक आदेश के उल्लंघन की स्थिति में कार्रवाई की चेतावनी पहले ही दी जा चुकी थी।
इन लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार विकास जाट, लोकेश यादव, आशीष बसु, सत्यनारायण रघुवंशी, संदीप यादव सहित बाला उर्फ विक्रम, बाला उर्फ स्वप्निल सितौले और दीपक उर्फ रोहित सांठे को गिरफ्तार किया गया है। इस प्रकार अब तक कुल 7 लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है।
पुलिस की ओर से सभी गिरफ्तारियों और धाराओं की आधिकारिक विस्तृत पुष्टि अभी बाकी है। गिरफ्तारी के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन प्रस्तावित वराह मार्च को रोकने के लिए आगे क्या कदम उठाता है।
लाट मस्जिद क्षेत्र में भी सुरक्षा कड़ी
प्रस्तावित मार्ग और समापन स्थल को देखते हुए पुलिस ने संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त बल तैनात किया है। प्रमुख स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है। लाट मस्जिद क्षेत्र में भी सुरक्षा घेरा बढ़ाया गया है। लोगों की आवाजाही और आवागमन को नियंत्रित करने के इंतजाम किए गए हैं।
पुलिस प्रशासन सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली सूचनाओं और गतिविधियों पर नजर रख रहा है। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था बिगड़ने नहीं दी जाएगी।
