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मृत किसानों के नाम पर भी KCC लोन! रकबा बढ़ाकर निकाले ₹1.77 करोड़, 5 लोगों पर FIR

Report by manisha yadav

KCC लोन

सरायपाली। महासमुंद जिले के सरायपाली ब्लॉक से किसानों के नाम पर कथित फर्जी KCC लोन का गंभीर मामला सामने आया है। सेवा सहकारी समिति केना में वर्ष 2023-24 के दौरान किसानों के खेतों का रकबा रिकॉर्ड में बढ़ाकर उनके नाम पर करीब 1 करोड़ 77 लाख रुपये का KCC लोन स्वीकृत और आहरित किए जाने की शिकायत सामने आई। जांच में कुछ ऐसे किसानों के नाम भी सामने आने की बात कही गई है, जिनकी कई साल पहले मृत्यु हो चुकी थी।

मामला सामने आने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने मामले की जांच के लिए तीन अधिकारियों की टीम गठित की। जांच रिपोर्ट के बाद जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके आधार पर पांच लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।

किसानों को पता ही नहीं था कि उनके नाम पर लोन है

मामले में सामने आई जानकारी के मुताबिक, कई किसानों को कथित तौर पर इस बात की जानकारी नहीं थी कि उनके नाम पर लाखों रुपये का KCC लोन स्वीकृत हो चुका है। आरोप है कि लोन की राशि भी निकाल ली गई।

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ किसानों की जमीन किसी दूसरे सेवा सहकारी समिति क्षेत्र में थी, इसके बावजूद उनके नाम पर केना समिति से लोन दर्शाया गया।

यानी मामला सिर्फ रकबा बढ़ाने तक सीमित नहीं बताया जा रहा, बल्कि किसानों की पहचान, जमीन के रिकॉर्ड और ऋण प्रक्रिया से जुड़े कई स्तरों पर सवाल खड़े हुए हैं।

जांच में सामने आए अहम बिंदु

  • वर्ष 2023-24 में करीब ₹1.77 करोड़ के KCC लोन का मामला।
  • किसानों के खेतों का रकबा रिकॉर्ड में बढ़ाने की बात सामने आई।
  • किसानों की जानकारी या सहमति के बिना लोन प्रक्रिया किए जाने का आरोप।
  • कुछ मृत किसानों के नाम पर भी लोन दर्ज होने की जानकारी।
  • दूसरे समिति क्षेत्र की जमीन वाले किसानों के नाम पर भी केना समिति से लोन दर्शाने की बात।
  • कई किसानों को अपने नाम पर लोन स्वीकृत होने की जानकारी नहीं होने का दावा।

कलेक्टर की तीन सदस्यीय टीम ने की जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने तीन अधिकारियों की टीम से जांच कराई। जांच के बाद कथित अनियमितताओं को लेकर आगे कार्रवाई की गई।

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक रायपुर के CEO के आदेश पर नोडल अधिकारी अविनाश शर्मा ने सरायपाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

इन 5 लोगों पर FIR

पुलिस ने मामले में निम्न लोगों को आरोपी बनाया है—

  1. श्याम सुंदर पटेल — तत्कालीन सुपरवाइजर, तोरेसिंहा ब्रांच
  2. राजकुमार प्रधान — वर्तमान सुपरवाइजर
  3. युवराज नायक — मैनेजर
  4. हीरा सिंह ध्रुव — कनिष्ठ लिपिक
  5. खिलेश्वर साहू — प्रभारी लेखापाल

इनके खिलाफ पुलिस ने धारा 120B, 409, 420, 467, 468 और 471 के तहत FIR दर्ज की है।

मृत किसानों के नाम पर लोन से उठे बड़े सवाल

मामले का सबसे अहम पहलू मृत किसानों के नाम पर कथित तौर पर लोन दर्ज होना है। यदि जांच में यह तथ्य प्रमाणित होता है कि जिन किसानों की पहले ही मृत्यु हो चुकी थी, उनके नाम पर ऋण प्रक्रिया पूरी की गई और राशि निकाली गई, तो यह रिकॉर्ड सत्यापन और बैंकिंग प्रक्रिया से जुड़े गंभीर सवाल खड़े करता है।

इसके साथ ही दूसरे समिति क्षेत्र की जमीन वाले किसानों के नाम पर केना समिति से लोन दिखाए जाने की बात भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

अब यह पता लगाया जाना बाकी है कि इन ऋणों के लिए कौन-कौन से दस्तावेज इस्तेमाल किए गए, रिकॉर्ड में रकबा किस आधार पर बढ़ाया गया और लोन की राशि आखिर किन खातों में पहुंची।

पुलिस जांच में सामने आएगी पूरी तस्वीर

FIR दर्ज होने के बाद पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है। जांच में KCC आवेदन, जमीन से जुड़े दस्तावेज, रकबा रिकॉर्ड, समिति के रजिस्टर, बैंक रिकॉर्ड और ऋण राशि के लेनदेन की पड़ताल की जा सकती है।

इसके अलावा जिन किसानों के नाम पर लोन दर्ज किया गया, उनके बयान भी मामले की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

फिलहाल FIR में लगाए गए आरोप जांच के अधीन हैं। आरोपियों की भूमिका और कथित वित्तीय अनियमितताओं की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1. मामला क्या है?
सरायपाली की केना सेवा सहकारी समिति में वर्ष 2023-24 के दौरान कथित रकबा कूटरचना और किसानों की सहमति के बिना करीब ₹1.77 करोड़ के KCC लोन से जुड़ा मामला है।

Q2. मृत किसानों के नाम क्यों चर्चा में हैं?
जांच में कुछ ऐसे किसानों के नाम पर भी लोन दर्ज होने की बात सामने आई है, जिनकी पहले ही मृत्यु हो चुकी थी।

Q3. जांच किसने कराई?
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह द्वारा गठित तीन सदस्यीय टीम ने मामले की जांच की।

Q4. कितने लोगों पर FIR हुई है?
पांच लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।

Q5. कौन-कौन सी धाराएं लगी हैं?
पुलिस ने धारा 120B, 409, 420, 467, 468 और 471 के तहत मामला दर्ज किया है।

फिलहाल पुलिस जांच जारी है। अब जांच का सबसे अहम हिस्सा यह होगा कि किसानों के नाम पर कथित तौर पर स्वीकृत ₹1.77 करोड़ की राशि किस प्रक्रिया से निकली और इस पूरे मामले में प्रत्येक आरोपी की भूमिका क्या रही।

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