Report by manisha yadav
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में महिला स्वास्थ्य अधिकारियों से कथित अभद्र व्यवहार के मामले में राज्य सरकार ने कार्रवाई की है। बेमेतरा के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. अमृतलाल रोहलेडर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
डॉ. रोहलेडर के खिलाफ महिला सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों ने शिकायत की थी। शिकायत में अशोभनीय और अमर्यादित टिप्पणी करने, आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने तथा अनुचित स्पर्श किए जाने जैसे आरोप लगाए गए थे।
शिकायत के बाद शासन स्तर पर मामले की जांच कराई गई। जांच के दौरान संबंधित महिला सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के अलावा अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए गए।
जांच में आरोप प्रथमदृष्टया पुष्ट
जांच रिपोर्ट में डॉ. रोहलेडर के खिलाफ अनुचित भाषा के इस्तेमाल और अनुचित स्पर्श से जुड़े आरोप प्रथमदृष्टया पुष्ट पाए गए। जांच अधिकारी ने मामले को गंभीर मानते हुए उनके खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की।
इसके बाद लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने निलंबन का आदेश जारी किया।
मामले में क्या-क्या हुआ?
- महिला सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों ने शिकायत की।
- डॉ. अमृतलाल रोहलेडर पर अभद्र व्यवहार के आरोप लगे।
- आपत्तिजनक भाषा और अनुचित स्पर्श के आरोपों की जांच हुई।
- अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए गए।
- जांच रिपोर्ट में आरोप प्रथमदृष्टया पुष्ट बताए गए।
- जांच अधिकारी ने अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की।
- इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने निलंबन आदेश जारी किया।
स्वास्थ्य मंत्री ने कार्यस्थल की गरिमा पर दिया जोर
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं देने के साथ-साथ कार्यस्थल पर संवेदनशील और मर्यादित आचरण बनाए रखना भी है।
उन्होंने कहा कि किसी भी पद पर कार्यरत व्यक्ति नियमों और मर्यादाओं से ऊपर नहीं है। शिकायत मिलने पर निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने विभाग में भयमुक्त, सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य वातावरण सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता भी जताई। उन्होंने कहा कि कार्यस्थल पर महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
जगदलपुर में रहेगा निलंबन अवधि का मुख्यालय
राज्य शासन ने डॉ. अमृतलाल रोहलेडर को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील नियम, 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत निलंबित किया है।
निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय संभागीय संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं, जगदलपुर संभाग-बस्तर निर्धारित किया गया है।
निलंबन आदेश के अनुसार डॉ. रोहलेडर सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना निर्धारित मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे।
निलंबन के दौरान मिलेगा जीवन निर्वाह भत्ता
निलंबन अवधि में डॉ. रोहलेडर को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलने की पात्रता होगी। वहीं, मामले में विभागीय कार्रवाई आगे भी नियमानुसार जारी रहेगी।
इस प्रकरण में फिलहाल सामने आई जानकारी जांच रिपोर्ट और शासन की कार्रवाई पर आधारित है। लगाए गए आरोपों के संबंध में अंतिम विभागीय निष्कर्ष आगे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सामने आएगा।
अब नजर आगे की विभागीय कार्रवाई पर
इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग में अधिकारियों के कार्यस्थल आचरण और अनुशासन को लेकर शासन के रुख पर भी चर्चा हो रही है। मामले में आगे विभागीय जांच किस दिशा में बढ़ती है और अंतिम निर्णय क्या होता है, यह आगामी प्रक्रिया में स्पष्ट होगा।
फिलहाल डॉ. अमृतलाल रोहलेडर का निलंबन प्रभावी है और उनका मुख्यालय जगदलपुर संभाग निर्धारित किया गया है।
