
बिलासपुरः शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मल्हार मस्तूरी में शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाले कारनामों पर अंततः प्रशासनिक हथौड़ा चल गया है। छात्र-छात्राओं से दुर्व्यवहार, छात्राओं से कापियां जंचवाने, सैनिटरी पैड वितरण में मनमानी, प्रति विद्यार्थी पांच सौ रुपये अवैध वसूली और भृत्य से उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन कराने की पुष्टि होने के बाद कलेक्टर के अनुमोदन से प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार पांडेय ने प्राचार्य वेद प्रकाश शुक्ला समेत दो व्याख्याताओं को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है।
मल्हार स्कूल में लंबे समय से शैक्षणिक अराजकता का बोलबाला था। छात्राओं से कापियां जंचवाने का आडियो उजागर होने और छात्राओं द्वारा कलेक्ट्रेट में मोर्चा खोलने के बाद शिक्षा महकमे में हड़कंप मच गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए गठित तीन सदस्यीय प्राचार्यों की जांच समिति ने जांच की। सात अक्टूबर को उन्होंने अपनी रिपोर्ट सौंप दी। जांच प्रतिवेदन में प्राचार्य वेद प्रकाश शुक्ला, व्याख्याता संस्कृत संजय दुबे और व्याख्याता अर्थशास्त्र रश्मि गुप्ता पर लगे तमाम संगीन आरोप प्रमाणित पाए गए।
जांच में साफ हुआ कि प्राचार्य ने सैनिटरी पैड उपलब्ध कराने में घोर लापरवाही बरती और छात्रों से अवैध वसूली की। वहीं व्याख्याता रश्मि गुप्ता ने अपने शैक्षणिक दायित्वों को ताक पर रखकर भृत्य से मूल्यांकन व अध्यापन कराया। व्याख्याता संजय दुबे भी वातावरण दूषित करने के दोषी सिद्ध हुए।
प्रशासनिक व्यवस्था और विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शासन के आगामी स्थानांतरण आदेश तक प्राचार्य वेद प्रकाश शुक्ला को हाई स्कूल कुकुर्दीकेरा, संजय दुबे को हायर सेकेंडरी स्कूल ओखर तथा रश्मि गुप्ता को कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल पचपेड़ी कार्य करने के लिए आदेशित किया गया है। तीनों का वेतन मूल संस्था से ही आहरित होगा।
अखबार ने दो अक्टूबर को प्रकाशित समाचार में बताया था कि 10वीं की छात्राओं से कापियां जंचवाने दबाव बनाया जा रहा था, व्याख्याता का पेपर जांचने वाला आडियो को लेकर नईदुनिया ने पर्दाफाश किया था। वहीं सैनिटरी पैड खुर्द-बुर्द करने के मामले को प्रमुखता से उजागर किया था।
खबर प्रकाशित होते ही डीईओ संदीप पांडेय सीधे स्कूल पहुंचे थे, जहां छात्राओं ने तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया था। लगातार खबरों के दबाव के बाद ही विभाग ने त्रिस्तरीय जांच बैठाई, जिसका नतीजा अब बड़ी कार्रवाई के रूप में सामने आया है।
भृत्य से कापियां जंचवाने वाली मैडम पचपेड़ी भेजी गईं
जांच में सबसे बड़ी बात यह सामने आई कि व्याख्याता रश्मि गुप्ता ने परीक्षा मूल्यांकन और अध्यापन का कार्य भृत्य के हवाले कर रखा था। इस घोर लापरवाही पर उन्हें शासकीय कन्या शाला पचपेड़ी भेजा गया है। वहीं अवैध वसूली के आरोपित प्राचार्य वेद प्रकाश शुक्ला को कुकुर्दीकेरा और शिक्षक संजय दुबे को ओखर स्कूल भेजा गया है।[rashi mandal]
