
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में रविवार को सिविल लाइन स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में कैबिनेट की बैठक संपन्न हुई। बैठक में छत्तीसगढ के आदिम जाति विकास विभाग को जनजाति कार्य विभाग में बदलने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव ने कहा कि देश में 12 करोड़ से ज्यादा जनजाति समाज के लोग हैं। देश की आजादी के बाद से यह समाज कांग्रेस का समर्थन करता रहा।कांग्रेस ने इस समाज को कुछ नहीं दिया। अटल बिहारी बाजपेयी जब प्रधानमंत्री बने तो उन्होंने जनजाति विकास के लिए अलग मंत्रालय बनाया गया।
इसके साथ ही बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस समारोह, राष्ट्रपति के बस्तर प्रवास तथा जनहित से जुड़े कई अहम नीतिगत विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया और महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
रूपरेखा पर चर्चा हुई
बैठक में राज्य स्थापना दिवस समारोह की रूपरेखा पर चर्चा की गई। इस बार छत्तीसगढ़ राज्योत्सव तीन दिवसीय आयोजित करने का निर्णय लिया गया, जिसके उद्घाटन समारोह में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इसके साथ ही 22 और 23 अक्टूबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बस्तर प्रवास तथा ऐतिहासिक बस्तर दशहरा में उनकी सहभागिता को लेकर प्रशासनिक और सुरक्षा तैयारियों की गहन समीक्षा की गई।
धान, गन्ना खरीदी और जनहितैषी मुद्दों पर मंथन
कैबिनेट बैठक में किसानों और आम जनता से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर मंथन हुआ। आगामी खरीफ सत्र के लिए धान खरीदी की कार्ययोजना और हालिया अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त किसानों के हित में गन्ना खरीदी का मूल्य 425 रुपये प्रति क्विंटल करने के प्रस्ताव पर विमर्श किया गया। वहीं उच्च शिक्षा विभाग तथा शासकीय अनुदान प्राप्त शैक्षणिक संस्थाओं के शिक्षकों व कर्मचारियों की रोकी गई पेंशन और लंबित पेंशन विवाद को लेकर भी सकारात्मक समाधान पर चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों के सफल नेतृत्व की सराहना
सार्वजनिक जीवन में सरकार के प्रमुख के रूप में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सफल 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में कैबिनेट ने उनके ऐतिहासिक योगदान को रेखांकित किया। बैठक में पीएम मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व, जनहितैषी नीतियों और उपलब्धियों की सराहना करते हुए एक विशेष प्रस्ताव पारित किया गया। इस प्रस्ताव में छत्तीसगढ़ सहित देश भर में संचालित केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के सकारात्मक प्रभावों का उल्लेख किया गया। इसके तहत सेवा पखवाड़ा, स्वच्छता अभियान, पौधरोपण और डिजिटल प्रदर्शनी जैसी गतिविधियों को भी रेखांकित किय [rashi mandal]
