भारत ने आज कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू कश्मीर- पी.ओ.जे.के. में तथाकथित चुनाव पाकिस्तानी सत्ता प्रतिष्ठान के लिए एक अपमानजनक अस्वीकृति है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने आज नई दिल्ली में कहा कि पाकिस्तान पी.ओ.जे.के. में बेकसूर नागरिकों के खिलाफ लगातार दमनकारी कार्रवाई कर रहा है। 40 से अधिक लोगों की मौत और कई गंभीर रूप से घायल हुए हैं। प्रवक्ता ने कहा कि नागरिकों ने अंतरराष्ट्रीय संगठनों से इन गैरकानूनी हत्याओं की स्वतंत्र जांच का अनुरोध किया है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान की कार्रवाई की गहन जांच करने और उसके अत्याचारों के लिए जवाबदेह ठहराने का आग्रह किया।
प्रवक्ता ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि ये क्षेत्र भारत का हिस्सा थे, हैं और हमेशा रहेंगे। उन्होंने भारत के सभी साझेदार देशों और हितधारकों से इस क्षेत्र के लिए सही नामकरण का उपयोग करने का आग्रह किया।
प्रवक्ता ने कहा कि भारत रूस की सेना में मौजूद शेष भारतीय नागरिकों की रिहाई के लिए रूस से लगातार संपर्क में है। उन्होंने कहा कि अब तक 139 भारतीय नागरिकों को रिहा कराया जा चुका है। लगभग दो दर्जन भारतीय नागरिकों की रिहाई के लिए प्रयास जारी जारी हैं। इन लोगों के रूस की सेना में शामिल होने की जानकारी मिली है। श्री जायसवाल ने लोगों को जोखिम भरे नौकरी के प्रस्तावों से सावधान रहने की सलाह दी।
वाणिज्यिक पोत एमवी एजीवी राग्नार के बारे में श्री जायसवाल ने कहा कि इस पोत पर 25 जुलाई को ओडेसा बंदरगाह से निकलते समय हमला हुआ था। पोत पर चार भारतीय नागरिक सवार थे, जिनमें से दो सुरक्षित हैं और दो लापता हैं। भारतीय पक्ष यूक्रेन और रोमानिया के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है। यूक्रेन और रोमानिया दोनों ने खोज और बचाव अभियान चलाए हैं। उन्होंने कहा कि मंत्रालय लापता भारतीय नागरिकों के परिवार वालों के साथ भी संपर्क में है और हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है।
अमरीका से भारतीयों के प्रत्यर्पण के बारे में, श्री जायसवाल ने कहा कि इस वर्ष एक हजार दो सौ साठ भारतीयों को प्रत्यर्पित किया गया है। पिछले वर्ष अमरीका से कुल तीन हजार छह सौ 57 भारतीय नागरिकों को प्रत्यर्पित किया गया था।

