नेपाल में आई भीषण बाढ़ को अभी दो महीने भी नहीं बीते हैं कि एक और जल प्रलय आ गई है। गोरखा जिले में रविवार को बूढ़ी गंडक नदी में आचनाक बाढ़ आ गई। सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि किस तरह से अचानक नदी में सैलाब चला आ रहा है। नदी का पानी आसपास के गांवों में घुस गया और कई घर और पुल भी बह गए। इसके अलावा चार लोग लापता हैं। प्रशासन उनकी तलाश में जुटा है।
जानकारी के मुताबिक गंडकी हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को भी नुकसान पहुंचा है। बाढ़ आने की वजह से कुछ उपकरण बह गए हैं। सुबह 4 बजे के करीब ही पानी गांवों में घुसने लगा और इसके बाद लोग ऊंचे स्थानों की ओर भागे। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि ऊंचाई वाले इलाकों में चुन्चुब्री स्यारी नदी का पानी बंद हो गया था। इसके बाद यहां एक झील बनने लगी थी। यही पानी तेजी से बहाव के साथ नीचे आया है।
‘काठमांडू पोस्ट’ की खबर के अनुसार, चुमनुब्री ग्रामीण नगरपालिका के वार्ड संख्या तीन के अध्यक्ष राम कुमार गुरुंग ने बताया कि बूढ़ी गंडकी नदी में आई बाढ़ से सल्लेरी, पायूका और जगत में नदी किनारे स्थित मकान बह गए। बाढ़ में वार्ड को जोड़ने वाला एक पुल भी बह गया। गोरखा के मुख्य जिला अधिकारी धर्मेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि शुरुआती खबरों के अनुसार, सिउरीबास के ऊपरी इलाके में भूस्खलन हुआ था। उन्होंने कहा कि अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। स्थानीय लोगों को संदेह है कि चुमनुब्री-6 में लोकपा और चुमलिंग के बीच बूढ़ी गंडकी की सहायक नदी स्यार का प्रवाह बाधित हो गया होगा, जिससे बाढ़ आई। अधिकारियों ने बताया कि अचानक आई बाढ़ से उत्तरी गोरखा के कई इलाकों में 35 से अधिक मकान बह गए।
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समाचार पोर्टल ‘ऑनलाइन खबर’ के अनुसार, चुमनुब्री ग्रामीण नगरपालिका की उपाध्यक्ष लक्ष्मी गुरुंग ने कहा कि रविवार सुबह बूढ़ी गंडकी नदी में आई बाढ़ ने उन्हें रसुवा में भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ की याद दिला दी। उन्होंने कहा, ”बूढ़ी गंडकी में आई बाढ़ ने भोटेकोशी की बाढ़ की याद दिला दी। इसमें दर्जनों मकान बह गए हैं। फिलहाल नुकसान का सही आकलन करना संभव नहीं है।”
भोटेकोशी नदी में बाढ़ में मारे गए थे 1455 लोग
26 अगस्त को त्रिशूली और भोटेकोशी नदी में ऐसी भीषण बाढ़ आई थी कि गांव के गांव साफ हो गए। इस आपदा में कम से कम 1455 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की गई थी। अब बी 5 हजार से ज्यादा लोग लापता हैं जिनकी तलाश की जा रही है।
